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MARGIT KOVES

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मारगित कोवैश

मारगित कोवैश दिल्ली विश्वविद्यालय में हंगेरियन भाषा पढ़ाने के लिए सन् 1983 में भारत आईं। इनकी रुचि उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के भारतीय और हंगेरियन साहित्य एवं पत्रकारिता में है। इस सिलसिले में इनके कई लेख प्रकाशित हो चुके हैं। इन्होंने हंगेरियन गद्य-संग्रह के हिन्दी अनुवाद ‘अभिनेता की मृत्यु : आधुनिक और उत्तर-आधुनिक हंगेरियन कहानियाँ और उपन्यास अंश’ का सम्पादन तथा दस आधुनिक हंगारी कवि और यानोश हाय के ‘गेज़ॉबबुआ’ का गिरधर राठी के साथ अनुवाद किया है। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में स्लावोनिक और फिन्नोउग्रीयन अध्ययन विभाग में हंगेरियन भाषा और साहित्य पढ़ाती हैं। 

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