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Kailash Vajpeyi

Kailash Vajpeyi

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कैलाश वाजपेयी

कैलाश वाजपेयी का जन्म 11 नवम्बर, 1936 को हमीरपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. किया और पी-एच.डी. की उपाधि हासिल की। 1960 में बॉम्बे में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की साहि​त्यिक हिन्दी पत्रिका ‘सारिका’ के प्रकाशन प्रभारी के रूप में अपना कैरियर शुरू किया। उसके बाद लम्बे समय तक दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज व मोतीलाल नेहरू कॉलेज में अध्यापन करते रहे। 1973 से 1976 तक मैक्सिको के एल कोलेजियो द मेक्सिको में विजिटिंग प्रोफ़ेसर रहे। तदुपरान्त 1976 के मध्य से 1977 के शुरू तक अमेरिका के डैलस विश्वविद्यालय में एडजंक्ट प्रोफ़ेसर के पद पर रहे।

उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं—‘संक्रान्त’, ‘देहान्त से हटकर’, ‘तीसरा अँधेरा’, ‘एल आरबोल दे कार्ने’, ‘बियॉण्ड द सेल्फ़’, ‘महास्वप्न का मध्यान्तर’, ‘सूफ़ीनामा’, ‘भविष्य घट रहा है’, ‘हवा में हस्ताक्षर’, ‘हंस अकेला’ (कविता-संग्रह); ‘पोयट्री टुडे’, ‘विज़ंस एंड मिथ्स’, ‘एन एंथोलॉजी ऑफ़ मॉडर्न हिन्दी पोएट्री’ (भारतीय कविता के सम्पादित-अनूदित संकलन); ‘युवा संन्यासी’ (नाटक); ‘समाज दर्शन और आदमी’, ‘आधुनिकता का उत्तरोत्तर’, ‘शब्द संसार’, ‘अनहद’, ‘है कुछ दीखे और’ (निबन्ध-संग्रह); ‘पृथ्वी का कृष्णपक्ष’, ‘डूबा-सा अनडूबा तारा’ (काव्यात्मक आख्यान); ‘आधुनिक हिन्दी कविता में शिल्प’ (शोध-प्रबन्ध); ‘साइंस ऑफ मंत्राज़’, ‘मंत्राज़ पालाबराज दे पोदेर’ (रहस्य-विज्ञान); ‘एस्ट्रोकाम्बीनेशन्स’ (खगोल-शास्त्र); ‘भीतर भी ईश्वर’, ‘कवि के कथानक’ (आख्यायिकाएँ)।

‘हवा में हस्ताक्षर’ के लिए उन्हें ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा वे हिन्दी अकादमी (दिल्ली), ‘एस.एस. मिलेनियम अवार्ड’, ‘व्यास सम्मान’ समेत कई सम्मानों से सम्मानित हैं।

1 अप्रैल, 2015 को दिल्ली में उनका निधन हुआ।

ई-मेल : [email protected]

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