Dr. Chandra Prakash Dwivedi
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डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी
चन्द्रप्रकाश द्विवेदी का बचपन संस्कृत और संस्कृति के वातावरण में बिता। पिता संस्कृत के अध्यापक थे और सबसे बड़े भाई हिन्दी साहित्य के। नाटक में रुचि भी बड़े भाई के कारण हुई। घर में संस्कृत के विद्यार्थियों, कथा वाचकों, साधु-सन्तों से सम्पर्क के कारण प्राचीन भारतीय साहित्य में रुचि रही। भारतीय समाज और इतिहास में उनकी गहरी रुचि आगे चलकर ‘चाणक्य’, ‘मृत्युंजय’, ‘उपनिषद गंगा’ जैसे धारावाहिकों और ‘पिंजर’, ‘मोहल्ला अस्सी’, ‘जेड प्लस’, ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी फ़िल्मों में विकसित हुई। लगभग उनकी सारी कृतियाँ प्राचीन अथवा आधुनिक साहित्य पर आधारित रही हैं। वे ‘राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार’, ‘डॉक्टर हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान’, ‘धरोहर सम्मान’, ‘हिन्दी सेवी सम्मान’, ‘उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मान’, और ‘पद्म श्री’ से सम्मानित हैं।



