Ajay Brahmatmaj
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अजय ब्रह्मात्मज
अजय ब्रह्मात्मज वे जेएनयू से हिन्दी की पढ़ाई करने के बाद कुछ सालों तक पेइचिंग, चीन के विदेशी भाषा प्रकाशन गृह में हिन्दी सलाहकार की नौकरी की। चीन सचित्र (मासिक) के सम्पादन के साथ चार वर्षों में तेरह पुस्तकों का अनुवाद किया। पेइचिंग से मुंबई लौटने के पश्चात कई साल तक विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए फ्रीलांसिंग की। फिर ‘दैनिक जागरण’ और ‘दैनिक भास्कर’ में फिल्म पृष्ठों के प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई। 2017 में ‘दैनिक जागरण’ से फिल्म सम्पादक के रूप में सेवानिवृत्त। फिल्मों पर आधारित कुछ पुस्तकों का लेखन और प्रकाशन। अन्तिम चर्चित पुस्तक
‘...और कुछ पन्ने कोरे रह गए : इरफ़ान’। ‘सिनेमाहौल’ ई-पत्रिका का सम्पादन। फिलहाल स्वतंत्र लेखन, शोध और सोशल मीडिया गतिविधियों में सक्रिय।



