Shiv Murat Singh
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डॉ. शिव मूरत सिंह
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन 1935 में गाजीपुर जनपद के बसन्तपट्टी (करण्डा) गाँव में जन्में डॉ. शिवमूरत सिंह ने एम.ए. (हिन्दी) तथा पी.एच.डी. की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर में हिन्दी विभाग में अध्यापन किया तथा 1996 में सेवानिवृत्त हुए।
साहित्य-सेवा : मौलिक-नयकी पीढ़ी, पूर्वार्द्ध, गांधारी, अंधेरे की रोशनी (कथा रूपक) नाट्यालेख जनमेजय का नागयज्ञ (जयशंकर 'प्रसाद') अकेला शहर (डॉ. शम्भुनाथ सिंह) समीक्षात्मक नाट्यलेख-उपन्यास-निर्मला (प्रेमचन्द), टोपी शुक्ला (राही-मासूम रजा), पुरुष- पुराण (विवेकी राय)। सम्पादन-रंग-प्रभा (माध्यम, नाट्य-संस्थान की वार्षिकी)।
रंगयात्रा : गाँव के रंगमंच से प्रारम्भ कर बलिया, वाराणसी, कोलकाता के रंगमंचों से होकर गाजीपुर में, अभिनेता, नाटककार, निर्देशक, प्रशिक्षक, समीक्षक, सम्पादक एवं अनुवादक के रूप में कार्य।
सम्पर्क : डॉ. शिवमूरत सिंह, भारतीभवन,
ददरीघाट, गाजीपुर-233001, उ.प्र.
ई-मेल : [email protected]



