Naresh Saxena
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नरेश सक्सेना
नरेश सक्सेना का जन्म 16 जनवरी, 1939 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ। मुरैना से शिक्षा की शुरुआत हुई। जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से उन्होंने बीई (ऑनर्स) किया और कोलकाता के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ से एमई-पीएच का प्रशिक्षण लिया। उत्तर प्रदेश जल निगम में उप-प्रबन्धक, टेक्नोलॉजी मिशन के कार्यकारी निदेशक और त्रिपोली (लीबिया) में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम करने के बाद सरकारी सेवा से अवकाशप्राप्त।
टेलीविज़न और रंगमंच के लिए उन्होंने ‘प्रेत’, ‘हर क्षण विदा है’, ‘दसवीं दौड़’, ‘एक हती मनू’ (बुन्देली) नाटक लिखे। एक नाटक ‘आदमी का आ’ देश की कई भाषाओं में पाँच हज़ार से ज़्यादा बार प्रदर्शित हुआ। ‘सम्बन्ध’, ‘जल से ज्योति’, ‘समाधान’ और ‘नन्हे क़दम’ आदि लघु फ़िल्मों का लेखन और निर्देशन किया। विजय नरेश द्वारा निर्देशित वृत्त फ़िल्मों ‘जौनसार बावर’ और ‘रसखान’ का आलेखन भी किया। अब तक उनके तीन कविता-संग्रह प्रकाशित हैं—‘समुद्र पर हो रही है बारशि’, ‘सुनो चारुशीला’ और ‘नरेश सक्सेना और उनकी चुनिन्दा कविताएँ’।
विभिन्न राज्यों में पहली कक्षा से लेकर एम.ए. तक के पाठ्यक्रमों में कविताएँ सम्मिलित।
लखनऊ आकाशवाणी से राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए निराला, धूमिल, कुँवर नारायण, लीलाधर जगूड़ी आदि की कविताओं की संगीत संरचनाओं और दिल्ली, भोपाल और लखनऊ दूरदर्शन के लिए सीरियलों का निर्माण किया। सागर विश्वविद्यालय में दो वर्ष ‘मुक्तिबोध सृजन पीठ’ के अध्यक्ष रहे।
साहित्यिक पत्रिका ‘आरम्भ’, ‘वर्ष’ और उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी के त्रैमासिक ‘छायानट’ का विनोद भारद्वाज, रवीन्द्र कालिया और ममता कालिया के साथ सम्पादन। ‘रचना समय’ के कविता विशेषांक का अतिथि सम्पादन।
उन्हें ‘पहल सम्मान’, निर्देशन के लिए ‘राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार’, हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सम्मान, ‘ऋतुराज सम्मान’, ‘मुकुट बिहारी सरोज स्मृति सम्मान’, ‘नागार्जुन सम्मान’, ‘शमशेर सम्मान’, ‘राही मासूम रज़ा सम्मान’, ‘नामवर सिंह सम्मान’, ‘कबीर सम्मान’ सहित अन्य कई सम्मानों से सम्मानित किया गया है।
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