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Desh Ke Is Daur Mein-Hard Cover

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9788171788552
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परसाई जी पर आपकी किताब मिल गई और पढ़ ली गई। अपने देश व समाज से,
मानवता से आप जिस गहराई तक जुड़े हैं, उस पर अचम्भा होता है। आपके लेखन से ताक़त
मिलती है। बहुत-सी चीज़ें साफ़ होती हैं। परसाई जी का मैं प्रशंसक हूँ आज से नहीं, बहुत पहले से।
हिन्दी में आज तक ऐसा हास्य-व्यंग्यकार नहीं हुआ। आपने बहुत बड़ा काम किया है। परसाई जी की
जीवनी और कृतित्व दोनों को मिलाकर एक पुस्तक लिखी जानी चाहिए।
—अमरकान्त
परसाई पर विश्वनाथ त्रिपाठी ने पहली बार गम्भीरता से विचार किया है। यह अभी तक की एक
अनुपम और अद्वितीय पुस्तक है, जिसमें परसाई के रचना-संसार को समझने और उद्‌घाटित करने
का प्रयास किया गया है।
—ज्ञानरंजन
परसाई का लेखन डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी के चिन्तन के क़रीब पड़ता है। वे अपने चिन्तन को परसाई
की रचना से पुष्ट और समृद्ध करते हैं। परसाई जी के निबन्धों की उन्होंने बहुत तरह से, बहुत
कोणों से जाँच-पड़ताल की है—वर्तमानता की दृष्टि से, मनोविकारों की दृष्टि से, कला की दृष्टि से
और रूप की दृष्टि से।
—बलीसिंह

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Isbn 10 8171788556
Publication Year 1989
Edition Year 2000, Ed. 2nd
Pages 111p
Price ₹125.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Vishwanath Tripathi

Author: Vishwanath Tripathi

विश्वनाथ त्रिपाठी

विश्वनाथ त्रिपाठी का जन्म 16 फरवरी, 1931 को उत्तर प्रदेश के जिला बस्ती (अब सिद्धार्थनगर) के बिस्कोहर गाँव में हुआ। आरम्भिक शिक्षा पहले गाँव में, फिर बलरामपुर कस्बे में। उच्च शिक्षा कानपुर और वाराणसी में। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से पी-एच.डी.।

उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘प्रारम्भिक अवधी’, ‘हिन्दी आलोचना’, ‘हिन्दी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास’, ‘लोकवादी तुलसीदास’, ‘मीरा का काव्य’, ‘देश के इस दौर में’ (हरिशंकर परसाई केन्द्रित); ‘पेड़ का हाथ’ (केदारनाथ अग्रवाल केन्द्रित) (इतिहास-आलोचना); ‘जैसा कह सका’ (कविता-संकलन); ‘नंगातलाई का गाँव’, ‘बिसनाथ का बलरामपुर’ (स्मृति-आख्यान); ‘व्योमकेश दरवेश’ (आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का पुण्य स्मरण), ‘गुरुजी की खेती-बारी’ (संस्मरण)। उन्‍होंने आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी के साथ अद्दहमाण (अब्दुल रहमान) के अपभ्रंश काव्य ‘सन्देश रासक’ का सम्पादन किया। ‘कविताएँ 1963’, ‘कविताएँ 1964’, ‘कविताएँ 1965’ (तीनों अजित कुमार के साथ), ‘हिन्दी के प्रहरी : रामविलास शर्मा’ (अरुण प्रकाश के साथ) का भी सम्पादन किया।

उन्हें ‘मूर्तिदेवी सम्मान’, ‘व्यास सम्मान’, ‘आकाशदीप सम्मान’, ‘सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार’, ‘शलाका सम्मान’, ‘भारत भारती पुरस्कार’, ‘राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’, ‘राजकमल प्रकाशन सृजनात्मक गद्य सम्मान’, ‘शमशेर सम्मान’, ‘गोकुलचन्द्र शुक्ल आलोचना पुरस्कार’, ‘डॉ. रामविलास शर्मा सम्मान’, हिन्दी अकादमी के ‘साहित्यकार सम्मान’ आदि से सम्मािनत किया गया है।

सम्पर्क : बी-5, एफ-2, दिलशाद गार्डन, दिल्ली-45

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