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Tamasha Tatha Anya Kahaniyan

Tamasha Tatha Anya Kahaniyan

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  • Pages: 147p
  • Year: 2001
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8126701234
  •  
    पिछले दो दशकों में सूखा बरगद और दास्ताँ-ए-लापता जैसे श्रेष्ठ उपन्यासों के लिए चर्चित मंजूर एहतेशाम ने एक महत्त्पूर्ण कथाकार के रूप में भी अलग पहचान अर्जित की है ! यह कहना कि उनकी कहानियां मध्यवर्गीय (मुस्लिम) वर्ग के बारे में हैं, उनके कथानक का अति-सरलीकरण होगा ! दरअसल मंजूर एहतेशाम उन थोड़े-से कथाकारों में हैं, जिन्होंने इधर की साहित्यिक बहसों के बुनियादी मुद्दे ही बदल दिए हैं ! प्रस्तुत कहानी-संग्रह तमाशा तथा अन्य कहानियां में शामिल कहानियां, विषयों की नहीं, एक व्यक्ति के होने-न-होने अन्होने की कहानियां हैं ! अक्सर इनके केंद्र में एक संस्कारवान, संवेदनशील व्यक्ति है ! और उसे बनाता-ढहाता एक परिवेश ! कुछ इस तरह कि कभी कांच के हाथ में पत्थर और कभी पत्थर के हाथ में कांच होने का अहसास बराबर बना रहता है ! मध्यवर्गीय अस्तित्व की विडम्बना की ये कहानियां कभी शोर और कभी सन्नाटे से स्वयं को बुनती-उधेड़ती हैं ! यूँ इनका इअथानक बहुत बारीकी से अपना उपकथन, अपना सब-टेक्स्ट बनाता-मिटाता चलता है ! अपने अल्पकथन के बावजूद ये आश्चर्यजनक रूप से मार्मिक कथाएं हैं ! यहाँ प्रस्तुत बहुचर्चित रमजान में मौत से लेकर तमाशा तक ये कहानियां अपनी यात्रा भी हैं, और पड़ाव भी !

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    Manzoor Ehtesham

    जन्म: 3 अप्रैल, 1948 को भोपाल में।

    शिक्षा: स्नातक।

    इंजीनिय¯रग की अधूरी शिक्षा के बाद दवाएँ बेचीं। पिछले 25 वर्ष से फ़र्नीचर और इंटीरियर डेकोर का अपना व्यवसाय।

    प्रकाशित कृतियाँ: पहली कहानी रमज़ान में मौत 1973 में और पहला उपन्यास कुछ दिन और 1976 में प्रकाशित। उपन्यास: कुछ दिन और, सूखा बरगद, दास्तान-ए-लापता, पहर ढलते, बशारत मंज़िल; कहानी-संग्रह: तसबीह, तमाशा तथा अन्य कहानियाँ; नाटक: एक था बादशाह (सह-लेखक सत्येन कुमार)।

    सम्मान: सूखा बरगद (उपन्यास) पर श्रीकान्त वर्मा स्मृति सम्मान और भारतीय भाषा परिषद, कलकत्ता का पुरस्कार, दास्तान-ए-लापता (उपन्यास) पर वीरसिंह देव पुरस्कार, तसबीह (कथा-संग्रह) पर वागीश्वरी पुरस्कार तथा 1995 में समग्र लेखन पर पहल सम्मान, 2003 में राष्ट्रीय सम्मान ‘पद्मश्री’ से अलंकृत। निराला सृजनपीठ, भोपाल, के अध्यक्ष।

    सम्पर्क: शिल्पकार हाउस, ग्रांड होटल के सामने, भारत टॉकीज़ चौराहा, भोपाल-4620011

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