• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

Meera Yagik Ki Dayari

Meera Yagik Ki Dayari

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 175

Special Price Rs. 157

10%

  • Pages: 158p
  • Year: 2006
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8126710861
  •  
    गुजराती उपन्यास के क्षेत्र में सन् 1992 में ‘मीरां याज्ञिक नी डायरी’ (मीरा याज्ञिक की डायरी) एक बे-आवाज़ बग़ावत बनकर आई। बिन्दु भट्ट द्वारा पहली बार यहाँ रूढ़ियों और कामवर्जनाओं की बंदिशों को तोड़कर बिना किसी मुखरता के सेल्फ सेन्सरशिप को उखाड़ फेंकने की दिशा में स्त्री-लेखन ने एक क़दम आगे बढ़ाया है। संवेदनशील-शिक्षित युवती के समलिंगी तथा विषमलिंगी काम सम्बन्धों की अंतरंग और बेबाक अभिव्यक्ति, डायरी शैली की कलात्मक सार्थकता एवं पारदर्शी गद्य की ताज़गी ने सुज्ञ पाठक वर्ग का बरबस ध्यान खींचा। आज सर्वाधिक आलोचनात्मक लेखों का रिकार्ड ‘मीरा याज्ञिक की डायरी’ ने कायम किया है। अपने लघु-कलेवर में ‘मीरा याज्ञिक की डायरी’ हमारी चेतना को अनेक स्तर पर छूते हुए विस्तार देती है। विश्वविद्यालय में शोधकार्य करती मीरा संवेदनशील और बौद्धिक है। खालिस खूबसूरती और भरपूर प्रेम की उसे तलाश है। इस तलाश में अपने समूचे अस्तित्व के साथ वह समस्त परिवेश, विविध पात्र और परिस्थितियों को सहज स्वीकार करती है। संवेदना के स्तर पर वह जो कुछ भी अनुभव करती है उसे बिना किसी दम्भ-दावे और पूर्वाग्रह के, अपनी डायरी में सर्जनात्मक ढंग से दर्ज करती है। इसीलिए मीरा की डायरी में उसके भीतर-बाहर की प्रत्येक तरंग का विश्लेषणात्मक लेखा-जोखा है और उसकी भाषा में बिना किसी लाग-लपेट की अपूर्व ऐसी स्वाभाविकता। निमर्म होकर अपने आपको भी दाँव पर लगाती यह अंतरंगता जीवन के साथ बड़े गहरे सरोकार से ही सम्भव है। इसके चलते यह डायरी केवल मीरा की नहीं रहती बल्कि किसी भी संवेदनशील बौद्धिक चेतना का अंश बन जाती है। वंृदा और उजास में भीतर तक पैठकर स्वयं अपने को पाने की मीरा की खतरनाक ज़द्दोजहद ‘मनुष्य’ मात्र की ज़द्दोजहद में बदल जाती है और हमें झकझोरती है।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Bindu Bhatt

    जन्म: 18 सितम्बर, 1954

    शिक्षा: एम.ए. पी-एच.डी. (हिन्दी)।

    प्रकाशित पुस्तकें: मीरां याज्ञिक नी डायरी (लघु उपन्यास) -  हिन्दी, सिन्धी में अनूदित, सिन्धी अनुवाद साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत। आखे पातर (उपन्यास) मराठी, हिन्दी, राजस्थानी तथा कच्छी में अनूदित; बांछणी (कहानी संग्रह); अद्यतन हिन्दी उपन्यास (शोध प्रबन्ध); आज के रंग नाटक (तुलनात्मक समीक्षाग्रन्थ); अंधी गली (धीरू बेन पटेल के गुजराती उपन्यास का हिन्दी अनुवाद); अपभ्रंश व्याकरण (हरिवल्लभ भायाणी के ग्रन्थ का हिन्दी अनुवाद); बीजाना पग (श्रीकांत वर्मा की कहानियों का गुजराती में अनुवाद, डॉ. भोलाभाई पटेल के साथ); दादू दयाल (रामबख्श की पुस्तक का गुजराती अनुवाद); फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ (सुरेन्द्र चौधरी की पुस्तक का गुजराती अनुवाद); गुर्जर प्रवास निबन्ध संचय (सम्पादन: डॉ. रघुवीर चौधरी के साथ)।

    पुरस्कार: मीरां याज्ञिक नी डायरी पर गोवर्धनराम पुरस्कार; आखे पातर गुजराती साहित्य परिषद तथा साहित्य अकादेमी दिल्ली द्वारा पुरस्कृत।

    सम्प्रति: अध्यक्ष, हिंदी विभाग, उमा आर्ट्स एंड नाथीबा  कॉमर्स महिला कॉलेज, गांधीनगर।

    सम्पर्क: ‘सुरता’, ए-11, नेमीश्वर पार्क, तपोवन के पास, अमियापुर-382424, जिला: गांधीनगर (गुजरात)।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144