• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Kamre Aur Anya Kahaniyan

Kamre Aur Anya Kahaniyan

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 150

Special Price Rs. 135

10%

  • Pages: 55p
  • Year: 2014, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126726318
  •  
    इस संग्रह में तीन कहानियाँ संकलित हैं—‘अलमारी’, ‘कमरे’ और ‘ऊपरवाले का हाथ’। तीनों कहानियाँ अपने पात्रों के रहस्यमय आन्तरिक मनोजगत का दिलकश उद्घाटन करती हैं। अपने लिए एक सुरक्षित जगह तलाश करने की मनुष्य की आदिम इच्छा का वर्णन ‘अलमारी’ में बेहद खूबसूरती के साथ किया गया है। वहीं ‘कमरे’ कहानी में एक होटल के विभिन्न कमरों के बहाने इंसानी जीवन के स्याह-सफेद को बहुत दिलचस्प ढंग से रेखांकित किया गया है। ‘ऊपरवाले का हाथ’ में कम्प्यूटर का माहिर नायक मनुष्य और सभ्यता की कुछ नियतिबद्ध अपरिहार्यताओं की तरफ इशारा करता है। अत्यन्त पठनीय कहानियाँ। ऐसी गंदगी केवल बच्चे छोड़ सकते हैं : आधा छिला हुआ संतरा बिस्तरे पर, मगों में रस, पाँव के नीचे दबा हुआ टूथपेस्ट कालीन पर। सजाए हुए कागज के टुकड़े, महँगी दूकानों से खरीदे हुए कपड़ों की कीमतों के पर्चे, तकिये ठूँसे हुए अलमारी के अंदर, टूटी हुई होटल की पेंसिल, सूटकेस का सामान उलटाया हुआ आरामकुर्सी पर, पोस्टकार्ड जिसमें पते के अलावा कुछ भी लिखा नहीं, चलता हुआ टी.वी., ऊपर किये हुए पर्दे, ए.सी. पर सूखते हुए मोजे और कच्छे, छितरे हुए सिगरेट, राखदानी भरी हुई तरबूज के बीजों से। कमरा, जिसमें अमेरिका के लोग रहते हैं हास्योत्पादक होता है, उसकी संजीदगी खत्म कर दी गई होती है, सब कुछ उससे दोस्ती बनाने के बहाने से। इसी तरह गुलाबी और हल्के पीले, खूबसूरत कमरा नं. 223 की बेइज्जती की गई है। लगता है कि एक अधेड़ उम्र के सज्जन को विदूषक के कपड़े पहनाये गए हों। —इसी पुस्तक से

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Olga Tokarczuk

    ओल्गा तोकार्चुक

    जन्म : 1962

    ओल्गा तोकार्चुक पोलैंड की सुप्रसिद्ध और सफल लेखिका हैं।

    उनकी रचनाओं में आठ उपन्यास, दो कहानी-संग्रह और कई निबन्ध-संग्रह शामिल हैं।

    पोलैंड तथा विदेशों में कई पुरस्कारों से सम्मानित जिनमें प्रमुख है—2008 में ‘रनर्स’ को मिला नाइकी लिट्रेरी प्राइज—यह पुस्तक एक दर्जन से ज्यादा भाषाओं में अनूदित हो चुकी है। ‘हाउस ऑफ डे, हाउस ऑफ नाइट’ का चयनआईएमपीएसी लिट्रेरी अवार्ड के लिए हुआ। अमेरिका तथा ब्रिटेन की अनेक साहित्यिक पत्रिकाओं तथा संग्रहों में उनकी रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। एक दूरस्थ पोलिश गाँव में रहस्यमय हत्याओं के विषय में लिखे उनके उपन्यास ‘ड्राइव योर प्लो ओवर द बोन्स ऑफ द डेड’ पर एक फिल्म निर्माणाधीन।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144