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Nadi Ko Yaad Nahin

Nadi Ko Yaad Nahin

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  • Pages: 285p
  • Year: 1998
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: NKYN208
  •  
    पुराने खानदान बिलकुल कुओं और बावडियों की तरह होते हैं! उन खास खुणों और बावडियों की तरह जिनसे कोई दूसरा पानी नहीं भर सकता! वे सड़ते रहते हैं, और तुम हनते हो कि ठहरा हुआ पानी खुद तो कीचड बनता ही जाता है, उनके दिलो-दिमाग को भी, जो इस पर आश्रित होते हैं, एक ऐसे दलदल में तब्दील कर देता है कि फिर कोई भी उसमें से नहीं निकल पता! हन्ति हूँ कि अब मैं भी नहीं निकल पाऊँगी! फिर बेकार छटपटाने से क्या फायदा! वैसे भी, अब तो किसी बात का मतलब ही नहीं रह गया, सलिल! दोस्ती तो किसी की नसीब में ही नहीं थी, अब तो दुश्मनी तक खत्म हुई! कभी-कभी अपने ऊपर गुस्सा भी आता है, जब ठाकुर साहब को व्हील चेयर में खामोश बैठा देखती हूँ-बिलकुल निरीह और अस्याः! लगता है कि क्या मैं, अगर चाहती भी तो उन्हें इस हालत से बचा सकती थी! फिर दोहराती हूँ अपने आप से ही कि आदमी अपनी नियति खुद चुनता है... हाँ सलिल, कोई और क्यों उठाएगा उसके लिए यह तकलीफ....

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    Satyen Kumar

    सत्येन्द्र कुमार
    जन्म 20 अप्रैल, 1944 को दिल्ली में। शिक्षा एम. फशर्म तक।
    लेखकन की शुरुआत 1967 में अंग्रेजी कविताओं से। पहली कहानी ‘सजश’ सारिका के नवलेखन अंक में 1968 में। उसके बाद देश के सभी प्रतिष्ठित पत्रा-पत्रिकाओं में कहानियाँ व कविताएँ प्रकाशित। रचनाएँ भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनूदित और संकलित।
    प्रकाशित पुस्तकें : कहानी-संग्रह : जहाजश् तथा अन्य कहानियाँ, बफर्श् तथा अन्य कहानियाँ, एक नाम और तथा अन्य कहानियाँ, शेरनी तथा अन्य कहानियाँ। पनाह तथा अन्य कहानियाँµशीघ्र प्रकाश्य। नाटक : एक था बादशाह (मंजश्ूर एहतेशाम के साथ सहलेखन)। उपन्यास : छुट्टी का दिन। कविता संग्रह : ॅीपेचमते पद । क्तमंउ (अंग्रेजी में)।
    पुरस्कार : ‘कहानी’ पत्रिका का प्रथम पुरस्कार-1973-‘जहाजश्’ कहानी पर, यशपाल पुरस्कार-1973-‘जहाजश्’ संग्रह पर, सुभद्रा कुमारी चाहौन पुरस्कारः1983-‘बफर्श्’ संग्रह पर, वागीश्वरी पुरस्कार-1986-‘छुट्टी का दिन’ उपन्यास पर।
    लेखन के अलावा नाटक, फिल्म, पेंटिंग, फोटोग्राफी और वन्य जीवन में दिलचस्पी। तैल चित्रा एवं छायाचित्रा कई व्यावसायिक व निजी संग्रहों में। 1986 से 1991 तक ‘कहानियाँ-मासिक चयन’ पत्रिका का प्रकाशन और संपादन।

    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Funda An Imprint of Radhakrishna
    • Korak An Imprint of Radhakrishna

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