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Sachitra Hindi Bal Kosh

Sachitra Hindi Bal Kosh

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  • Pages: 208p
  • Year: 2014, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126726325
  •  
    प्रस्तुत कोश कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए हिंदी प्रदेश में निर्धारित पाँचवें दर्जे तक की सभी पाठ्य-पुस्तकें मँगवाई गईं और उनमें से शब्दों का संग्रह करवाया गया। बारंबारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। बारंबारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। इस प्रकार शब्दावली का एक स्तर निश्चित हुआ। इस शब्दकोश में लगभग छह हजार शब्द हैं जो प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और आवश्यक हैं। अर्थों का चुनाव भी इसी दृष्टि से किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रत्येक शब्द का प्रयोग जैसा कि शिष्ट हिंदी में होता है, अत्यंत सटीक उदाहरणों द्वारा समझाया गया है। एक अन्यतम विशेषता यह भी है कि विद्यार्थियों के लिए इतना उपयोगी यह पहला सचित्र कोश है। अर्थ समझाने के लिए तीन अपनाए बताए गए हैं। एक तो पर्यायवाची शब्द देकर, जैस। जल (पानी), दशा (अवस्था, हालत); दूसरे, व्याख्या या वर्णन देकर, जैसे। अरबी (सूरन जैसा एक छोटा कंद), अस्पताल (इलाज करने-कराने की जगह); और तीसरे, परिभाषा देकर, जैसे। अंकगणित (गणित की वह शाखा जिसमें अंकों का जोड़ना, घटाना, गुणा करना और भाग देना आदि अनेक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।) परंतु, कभी-कभी इसके बाद भी विद्यार्थी के मन में वस्तु का ठीक-ठाक ज्ञान नहीं हो पाता। समुचित ज्ञान कराने में चित्र बहुत सहायक होते हैं। हिंदी में ऐसे सचित्र कोश नहीं है। प्रस्तुत कोश इस दृष्टि से बेजोड़ है।

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    Kusum Khemani

    डॉ. कुसुम खेमानी
    जन्म : 19 सितम्बर, 1944
    शिक्षा : एम.ए. (प्रथम श्रेणी), पी-एच.डी. कलकत्ता विश्वविद्यालय।
    सृजन : सचित्र हिन्दी बालकोश, हिन्दी-अंग्रेजी बालकोश (कोश); हिन्दी नाटक के पाँच दशक (आलोचना); सच कहती कहानियाँ, एक अचम्भा प्रेम, अनुगूँज जिन्दगी की (कहानी-संग्रह); एक श$ख्स कहानी सा (जीवनी); कहानियाँ सुनाती यात्राएँ (यात्रा-वृत्तान्त); कुछ रेत... कुछ सीपियाँ... विचारों की (ललित निबन्ध); लावण्यदेवी, ; जडिय़ा बाई (उपन्यास)।
    अनुवाद एवं सम्पादन : जन-अरण्य (उपन्यास, शंकर), चश्मा बदल जाता है (उपन्यास, आशापूर्णा देवी), ज्योतिर्मयी देवी के कहानी-संग्रह का अनुवाद एवं सम्पादन, 'वागर्थ' का सम्पादन।
    विशेष : 'लावण्यदेवी' उपन्यास का अंग्रेजी, बांग्ला, नेपाली एवं मलयालम में अनुवाद। 'कहानियाँ सुनाती यात्राएँ' बांग्ला, राजस्थानी एवं मलयालम में प्रकाशित। 'लावण्यदेवी' उपन्यास का तमिल में डॉ. एन. जयश्री द्वारा एवं तेलगू में लावण्य नारला द्वारा शोध एवं अनुवाद। 'सच कहती कहानियाँ' की कथाभाषा पर डॉ. सुहासिनी (तमिल), करमजीत कौर (पंजाबी), विनीता सिंह (हिन्दी) एवं अंजना कुकरैती (कन्नड़) द्वारा शोध 'रश्मिरथी माँ' कहानी पर बांग्ला में टेलीफिल्म का निर्माण। 'साहित्य में उच्च मूल्यों की स्थापना' (सन्दर्भ : 'लावण्यदेवी' उपन्यास) विषय पर औरंगाबाद यूनिवर्सिटी द्वारा सेमिनार आयोजित।
    सम्मान : कुसुमांजलि साहित्य सम्मान (दिल्ली), साहित्य भूषण सम्मान (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान), हरियाणा गौरव सम्मान (हरियाणा साहित्य अकादमी), भारत निर्माण सम्मान, रत्नादेवी गोयनका वाग्देवी पुरस्कार (मुम्बई), पश्चिम बंग प्रान्तीय मारवाड़ी सम्मेलन पुरस्कार, कौमी एकता पुरस्कार, भारत गौरव सम्मान (भारतीय वाङ्मयपीठ), समाज बन्धु पुरस्कार (मारवाड़ी युवा मंच)।
    सम्पर्क : 3बी, अस्टर कोर्ट, 3 लाउडन स्ट्रीट, कोलकाता-700017
    फोन : 033-3295 4490
    ई-मेल : kusumkhemani1@gmail.com

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