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Raha Gayi Dishayen Isi Paar

Raha Gayi Dishayen Isi Paar

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Special Price Rs. 175

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  • Pages: 312p
  • Year: 2012
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126721894
  •  
    सृष्टि और संहार, जीवन और मृत्यु के बफर-जोन पर खडे़ आदमी की नियति से साक्षात्कार करता संजीव का यह उपन्यास हिन्दी साहित्य में जैविकी पर रचा गया पहला उपन्यास है। उपन्यास के पारम्परिक ढाँचे में गैर पारम्परिक हस्तक्षेप और तज्जनित रचाव और रसाव इसकी खास पहचान है। निरंतर नए से नए और वर्जित से वर्जित विषय के अवगाहनकर्ता संजीव ने इसमें अपने ही बनाए दायरों का अतिक्रमण किया है और अपने ही गढ़े मानकों को तोड़ा है। मिथ, इतिहास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नए से नए विषय तथा चिन्तन की प्रयोग भूमि है यह उपन्यास और यह जीवन और मृत्यु के दोनों छोरों के आर-पार तक ढलकता ही चला गया है, जहाँ काल अनंत है, जहाँ दिशाएँ छोटी पड़ जाती है, जहाँ गहराइयाँ अगम हो जाती हैं और व्याप्तियाँ अगोचर...!

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    Sanjeev

    जन्म: 6 जुलाई, 1947 को बांगर कलाँ गाँव, सुलतानपुर (उ.प्र.)।

    सनदों में नाम: राम सजीवन प्रसाद।

    शिक्षा: बी.एस-सी., ए.आई.सी. (भारत); शिक्षा-दीक्षा और नौकरी पश्चिम बंगाल में।

    प्रकाशित रचनाएँ: कहानी-संग्रह: तीस साल का सफरनामा, आप यहाँ हैं, भूमिका और अन्य कहानियाँ, प्रेतमुक्ति, दुनिया की सबसे हसीन औरत, ब्लैक होल, खोज, गति का पहला सिद्धान्त, गुफा का आदमी, दस कहानियाँ, गली के मोड़ पर सूना-सा कोई दरवाजा, संजीव की कथायात्रा: पड़ाव: 1,2,3; उपन्यास: किशनगढ़ के अहेरी, सर्कस, सावधान! नीचे आग है, धार, पाँव तले की दूब, जंगल जहाँ शुरू होता है, सूत्रधार, आकाश चम्पा, रह गईं दिशाएँ इसी पार; बाल उपन्यास: रानी की सराय, डायन।

    कृतियों पर फिल्में: सावधान! नीचे आग है उपन्यास पर काला हीरा नामक टेलीफिल्म, ‘प्रकाश झा प्रोडक्शन’ द्वारा हिमरेखा कहानी पर फिल्म निर्माणाधीन; श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित फिल्म वेल डन अब्बा कहानी फुलवा का पुल पर आधारित।

    सम्मान: प्रथम पुरस्कार: सारिका: सर्वभाषा कथा प्रतियोगिता, 1980; प्रथम कथाक्रम सम्मान लखनऊ, 1997; इंदु शर्मा स्मृति अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान, 2001; भिखारी ठाकुर लोक सम्मान, 2005; ‘पहल’ सम्मान, 2006; सुधा स्मृति सम्मान, 2008।

    सम्प्रति: राइटर इन रेजीडेंस, महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र)।

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