• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Zanani Dyodhi

Zanani Dyodhi

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 350

Special Price Rs. 315

10%

  • Pages: 308p
  • Year: 2009, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126717958
  •  
    पर्ल एस. बक के ज्यादातर उपन्यासों की विषयवस्तु परिवार और विवाह के इर्द-गिर्द घूमती है। ‘ज़नानी ड्योढ़ी’ भी इसका अपवाद नहीं है, लेकिन स्त्री-पुरुष सम्बन्धों पर जितने क्रान्तिधर्मी नजरिये से इस उपन्यास में उठाया गया है, वह अभूतपूर्व है। 20वीं सदी के चौथे दशक में जब यह उपन्यास आया था, तब नारी-स्वातन्त्रय का विचार अपनी शुरुआती अवस्था में ही था। पर्ल एस. बक ने मैडम वू की इस कथा के माध्यम से जिस साहस और कौशल के साथ स्त्री-जीवन, सेक्स, परिवार और रिश्तों के जितने पहलुओं को उठाया था, वह आश्चर्यजनक है। मैडम वू एक सम्पन्न चीनी परिवार की महिला है जो अपनी चालीसवीं वर्षगांठ पर फैसला करती है कि वह परिवार की जिम्मेदारियों से मुक्त होकर शान्ति के साथ अपना जीवन व्यतीत करेगी और इसके लिए वह अपने पति के लिए दूसरी पत्नी का प्रस्ताव रखती है। उसके इस फैसले से उस भरे-पूरे परिवार में हड़कम्प मच जाता है। उसके बेटे और बहुओं के बीच के अभी तक दबे-छुपे द्वन्द्व भी सामने आने लगते हैं और इस प्रक्रिया में लेखिका विवाह संस्था और स्त्री-पुरुष सम्बन्ध को हर कोण से देखने-समझने का ‘स्पेस’ रच देती है। चीनी पृष्ठभूमि में शाश्वत मानवीय प्रश्नों से जूझता यह उपन्यास विश्वसाहित्य की एक अमूल्य निधि है।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Pearl S. Buck

    पर्ल एस. बक

    जन्म : 26 जून, 1892 को हिल्सबोरो, वेस्ट वर्जीनिया |

    1895 में अपने मिशनरी माता-पिता के साथ चीन-प्रवास | बचपन वहीँ बीता | चीनी भाषा पहले सीखी, उसके बाद अपनी माँ और अध्यापक से अंग्रेजी का ज्ञान प्राप्त किया | 1910 में अमेरिका वापसी और 1914 में रैडोल्फ-मैकन विमेन्स कॉलेज से डिग्री प्राप्त की | इसके उपरान्त पुनः चीन वापस आकर विवाह किया | कुछ समय तक नानकिंग विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य का अध्यापन | इसी समय एक बच्चे को गोद भी लिया | 1926 में स्नातकोत्तर पढाई के लिए अमेरिका आई और कार्नेल विश्वविद्यालय से डिग्री ली |

    बक का लेखकीय जीवन 1930 में उनकी पहली पुस्तक 'ईस्ट विंड : वेस्ट विंड' से शुरू हुआ | 1931 में उनका सर्वश्रेष्ठ उपन्यास 'द गुड अर्थ' प्रकाशित हुआ | इसी पर उन्हें पुलित्जर पुरस्कार मिला और वे इस पुरस्कार को पानेवाली पहली महिला बनीं | 1935 में विलियम डीन हावेल्स मेडल मिला | 1934 में राजनीतिक कारणों से उन्हें चीन आना पड़ा | इसी दौरान तलाक, पुनर्विवाह और 6 अन्य बच्चों को गोद लिया | 1938 में आपको साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया | इसके पूर्व वे अपने माता-पिता की जीवनियाँ 'द एक्साइल' और 'द फाइटिंग एंजेल' लिख चुकी थीं |

    सौ से अधिक साहित्य कृत्यों की रचयिता पर्ल एस. बक ने 1949 में संकर नस्ल, विशेषकर अमेरिकी-एशियाई मूल के बच्चों के लिए, अपनी तरह की पहली संस्त 'वेल्कम हाउस इंक' की स्थापना की |

    निधन : 6 मार्च, 1973

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144