• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Sheet Sahasi Hemant Lok

Sheet Sahasi Hemant Lok

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 125

Special Price Rs. 112

10%

  • Pages: 138p
  • Year: 2004
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8126709707
  •  
    संयुक्त परिवार में दिनोंदिन बढ़ती दरार, शहरी मध्यवित्त बंगाली लोगों के जीवन और मानसिकता पर एक प्रचंड झंझावात के रूप में हमलावर हो उठी है, जिसने अत्यंत सफल सन्तानों की गर्भधारिणी अनगिनत माताओं को, एक नये-निराले वानप्रस्थ के सामने ला खड़ा किया है। जो औरतें, जिन्दगी भर सपना देखती हैं कि उम्र के आखिरी पड़ाव पर वे अपनी गृहस्थी की सिरमौर होंगी; अपने पोते-पोतियों, नाती-नातिनों में मग्न रहकर, बाकी उम्र गुजार देंगी, आज के दौर में वही औरतें आश्रय की तलाश में भटकने को लाचार हैं। जीवन की ढलती साँझ में उन लोगों के बचे-खुचे दिन, नितान्त स्वजनहीन, अनजान-अपरिचित दिगंत की ओर अभिमुख हैं। उस दिगंत में न तो घर-गृहस्थी है, न रसोई, न पूजा-घर। उनके हिस्से में बचा रहता है, घंटी बजने पर खाने के कमरे तक जाकर, बस, लम्बी कतार में खड़े हो जाना। इसके बावजूद, इन सबके बीच भी, ये औरतें कई-कई उपायों से अपनी जिन्दगी के मायने तलाश करने की कोशिश करती रहती हैं। जिन्दगी के साठ साल गुजारकर, ये औरतें मानवता के हेमन्ती बागान में जा पहुँची हैं, जहाँ का अगला मौसम होता है - शीत ! गहनतम बर्फीला मौसम। ऐसे ही लोगों के सुख-दुख, प्यार-सपनों की अचीन्ही, अनन्य, अंतरंग व्यथा-कथा से बुना हुआ है नवनीता देव सेन का यह विलक्षण उपन्यास !

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Navnita Dev Sen

    दुनिया में आते ही कविगुरु रवीन्द्रनाथ ने नाम दिया -  नवनीता! घर में साहित्यिक परिवेश। बचपन में ही लेखन का श्रीगणेश हो गया।

    शिक्षा: ए.एम., एम.ए., पी-एच.डी.।

    पहला काव्य-संग्रह ‘प्रथम प्रत्यय’। पहला उपन्यास ‘आमि अनुपम’। साहित्य की हर विधा में लेखन। आपकी कहानी, उपन्यास, भ्रमण-वृत्तान्त, निबन्ध, कविता के साथ-साथ रम्य-साहित्य और विनोद कथाओं ने बंगला साहित्य जगत में अपनी अलग जगह बनाई है। ‘करुणा तोमार कौन पथ दिए’, ‘गल्प-गुजब’, ‘नटी नवनीता’, ‘प्रवासे दैवेर वशे’, ‘हे पूर्ण तव चरणेर काछे’, ‘सीता थेके शुरू’ आदि उल्लेखनीय पुस्तकें।

    भारतीय भाषा परिषद का पुरस्कार, बंगीय साहित्य परिषद पुरस्कार, ‘पद्मश्री’ एवं महादेवी वर्मा पुरस्कार एवं अन्य महत्त्वपूर्ण पुरस्कारों-सम्मानों से विभूषित।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144