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Pratinidhi Kahaniyan : Swayam Prakash

Pratinidhi Kahaniyan : Swayam Prakash

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  • Pages: 152p
  • Year: 2020, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9789389598063
  •  
    स्वयं प्रकाश की कहानियाँ भारतीय, विशेष रूप से हिन्दी मध्यवर्ग के जीवन की एक तस्वीर पेश करती हैं—मनुष्यता से लबरेज पर दब्बू और डरपोक मध्यवर्ग, छोटी-छोटी आकांक्षाओं के लिए भी संघर्षरत, अन्ततः उन्हें स्थगित करता मध्यवर्ग, स्वार्थों की अन्धी दौड़ में भागतागिरता-पड़ता मध्यवर्ग, निम्नवर्गीय जनों से विराग रखता मध्यवर्ग। यूँ तो स्वयं प्रकाश का कथाफलक गाँव से शहर तक फैला है, परन्तु उसका केन्द्र मध्यवर्ग ही है। यह मध्यवर्ग स्वतंत्रता आन्दोलन के दौर का मध्यवर्ग नहीं है जिसमें निम्नवर्ग के प्रति एक सदाशयता और सहभाव मौजूद था। इसमें निम्नवर्ग के प्रति वितृष्णा और घृणा निर्णायक हद तक मौजूद है। इस मध्यवर्ग में एक छोटी संख्या, उन लोगों की भी है, जिनमें समाज को बदलने की इच्छा मौजूद है। ऐसे चरित्र स्वयं प्रकाश के यहाँ प्रमुखता से मौजूद हैं। स्वयं प्रकाश की गहरी सहानुभूति इनके साथ है। इसीलिए इनके प्रति एक तरह का आलोचनात्मक भाव भी मौजूद है। परिवर्तनकामी चेतना जब मध्यवर्गीय स्वार्थपरता पर्सनाल्टी कल्ट, या थोथे आदर्शवाद से घिर जाती है-स्वयं प्रकाश इन चरित्रों के प्रति तीखे हो जाते हैं। उनकी कहानियों में भारतीय स्त्री के जीवन की गहरी आलोचनात्मक पड़ताल भी मौजूद है। वे स्त्री-चरित्रों को प्रायः एक टाइप की तरह नहीं, एक व्यक्ति की तरह अंकित करते हैं। ये स्त्री-चरित्र पुरुष-चरित्रों की तरह ही निजी विशिष्टताओं के मालिक हैं। उन पर सामाजिक संरचना के दबाव हैं, परन्तु वे उनके विरुद्ध जीते हुए अपनी तरह का संसार रचने को आतुर हैं। स्वयं प्रकाश ने कहानीपन की रक्षा करते हुए, उसे रोचक बनाते हुए एक ज्ञानी की तरह नहीं एक किस्सागो की तरह अपनी कहानियाँ कही हैं।

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    Swayam Prakash

    स्वयं प्रकाश

    जन्म : 20 जनवरी, 1947; इंदौर ननिहाल में (मूलत: अजमेर, राजस्थान के निवासी)।

    प्रकाशित कृतियाँ : मात्रा और भार, सूरज कब निकलेगा, आसमाँ कैसे-कैसे, अगली किताब, आएँगे अच्छे दिन भी, आदमी जात का आदमी, अगले जनम, आधी सदी का सफ़रनामा, पार्टीशन, नन्हा क़ासिद, चौथा हादसा, नैनसी का धूड़ा, एक कौड़ी दिल से, संकलित कहानियाँ (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास), चर्चित कहानियाँ (कहानी-संग्रह); जलते जहाज पर, बीच में विनय, उत्तर जीवन-कथा, ईंधन, ज्योतिरथ के सारथी (उपन्यास); स्वांतः सुखाय, दूसरा पहलू, रंगशाला में एक दोपहर, एक कहानीकार की नोटबुक (निबन्ध); फीनिक्स, चौबोली (नाटक); हमसफ़रनामा (रेखाचित्र); धूप में नंगे पाँव (आत्मकथात्मक संस्मरण); डाकिया डाक लाया (पत्र); और फिर बयाँ अपना, मेरे साक्षात्कार, कहा-सुना (साक्षात्कार)।

    सम्मान : बाल साहित्य पुरस्कार (साहित्य अकादेमी), भवभूति सम्मान, राजस्थान साहित्य अकादेमी पुरस्कार, वनमाली स्मृति पुरस्कार, सुभद्राकुमारी चौहान पुरस्कार, पहल सम्मान, पाखी शिखर सम्मान। 

    निधन : 7 दिसम्बर, 2019

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