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Pratinidhi Kahaniyan : Qurratul Ain Haider

Pratinidhi Kahaniyan : Qurratul Ain Haider

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  • Pages: 179p
  • Year: 2018, 3rd Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788171785254
  •  
    प्रतिनिधि कहानियाँ -- क़ुर्रतुल ऐन हैदर उर्दू भाषा के सशक्त और चर्चित कथाकारों में हैं। मंटो, कृष्णचन्दर, बेदी और इस्मत चुगश्ताई के बाद उभरनेवाली नस्ल में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान है। क़ुर्रतुल ऐन हैदर की कहानियाँ प्रचलित प्रगतिशील कहानियों के मुक़ाबले नई शैली, नये माहौल और नई दुनिया का सामने लाती हैं। इनकी कहानियों में उच्च वर्ग, ग्लैमर भरा जीवन, अतीत की स्वप्नीली खूबसूरत यादें, रिश्तों के टूटने, खानदानों के बिखरने और अतीत के उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों के चूर-चूर हो जाने की त्रासदी का बेहद सूक्ष्म चित्रण मिलता है। क़ुर्रतुल ऐन हैदर समाज में औरत की कमजशेरी और बेबसी को उसकी पूरी सच्चाई के साथ स्वीकारने का हौसला रखती हैं। उन्होंने इसी सच्चाई को अपने कथा साहित्य में ईमानदारी से प्रस्तुत करने का भरसक प्रयत्न किया है। यहाँ संकलित ‘कोहरे के पीछे’, ‘जिन बोलो तारा-तारा’, ‘हसब-नसब’, ‘आवारागर्द’ जैसी यथार्थवादी कहानियों के साथ ‘मलफ़ूजशते हाजी गुलाबाना बेकताशी’ और ‘रौशनी की रफ़्तार’ शीर्षक कहानियाँ भी शामिल हैं जो उनकी सृजनशक्ति के नए आयामों को उद्घाटित करती है। क़ुर्रतुल ऐन हैदर की कहानियाँ अपनी विषयवस्तु, चरित्र-सृष्टि, तकनीक, भाषा और शैली हर लिहाजश् से उर्दू कहानी साहित्य में उल्लेखनीय ‘इजशफा’ मानी जा सकती हैं। इनसान और इनसानियत पर गहरा विश्वसास उनकी कहानी-कला और चिन्तन का केन्द्र बिन्दु है। इनकी कहानियों में प्रेम और घृणा, खुशियाँ और गश्म, सुंदरता और कुरूपता एक साथ मौजूद हैं।

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    Qurratul Ain Haider

    क़ुर्रतुल ऐन हैदर

    जन्म : 1927, अलीगढ़ में। लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रज़ी में एम.ए.। पिता सज्जाद हैदर यात्दरम और माँ नज़र सज्जाद हैदर दोनों ही उर्दू के मशहूर लेखक। कई देशों का भ्रमण । अंग्रेज़ी पत्रिका 'इम्प्रिंट' और 'इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ़इंडिया' में कई वर्षों तक कार्य किया। उर्दू की नई कहानी को शुरू करनेवालों में से एक सुश्री हैदर का पहला कहानी-संग्रह सितारों से आगे सन 1947 छपी । कहानी-संग्रह पतझड़ की आवाज पर वर्ष 1967 का साहित्य अकादमी पुरस्कार । इसके अतिरिक्त अनुवाद के लिए सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार (1969), पदम्श्री (1984), ग़ालिब मोदी अवार्ड (1984), इक़बाल सम्मान (1987), ज्ञानपीठ पुरस्कार (1991) आदि से सम्मानित । 1994 में साहित्य अकादमी का 'फ़ेलो' बनाया गया।

    प्रकाशित कृतियाँ : मेरे भी सनमख़ाने (1949), सफ़ीन-ए-ग़म-ए-दिल (1953), आग का दरिया (1959), कार-ए-जहाँ दराज़ (1979), निशांत के सहयात्री (1979-'आखिर-ए-शव' के हमसफ़र' का रूपांतरण), गर्दिश-ए-रंग-ए-चमन (1987), चाँदनी बेगम (1990) (सभी उपन्यास); सितारों से आगे (1947), शीशे के घर (1953), पतझड़ की आवाज (1966), रौशनी की रफ़्तार (1981), यह दाग-दाग उजाता (1991), (कहानी-संग्रह); कोहे दमावन (ईरान), गुलगस्त (सोवियत संघ), सितंबर का चाँद (जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया), जहान-ए दीगर (अमरीका) (रिपोर्ताज़)।

    निधन : 21 अगस्त, 2007 ।

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