• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Bharat Mein Sampradayik Dange Aur Aatankvad

Bharat Mein Sampradayik Dange Aur Aatankvad

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 550

Special Price Rs. 495

10%

  • Pages: 288p
  • Year: 2012, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126723416
  •  
    भारत में जहाँ दोनों समुदायों का समान इतिहास और एक समान संस्कृति की साझेदारी है, उनकी राष्ट्रीयता एक है। कुछ मुसलमान हैं और कुछ हिंदू हैं किंतु दोनों भारतीय हैं। न्यस्त स्वार्थों या धार्मिक नेताओं द्वारा इनके बीच जानबूझकर अलगाव पैदा किया जाता है और फिर उसे बढ़ावा दिया जाता है जिससे कि चुनावी तथा अन्य कारणों के लिए दोनों समुदायों को एक-दूसरे से दूर रखा जाए। यह अलगाव पूर्वग्रह और धर्मांधता का पोषण करता है। एक विख्यात प्रशासनिक शासकीय अधिकारी पी.के. लाहिरी ने जो महत्त्वपूर्ण कार्य किया है उसके समक्ष मेरी अच्छी-से-अच्छी कोशिश भी तुच्छ लगेगी। उन्होंने अनेक हिंदू-मुसलमान दंगों को करीब से देखा है और उनके कारणों और प्रभावों का विश्लेषण करने का उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने दंगों का जो विवरण दिया है, उसमें छोटी-से-छोटी बात भी शामिल है, उससे मैं मंत्रमुग्ध हो गया हूँ। मैं श्री लाहिरी से सहमत हूँ कि हिंदू-मुसलमान दंगों की तुलना सभ्यताओं के संघर्ष से नहीं की जा सकती है और न ही उनका संबंध नस्लवाद के प्रश्न से है। इसका ज्यादा संबंध पहचान को लेकर है, उस भय से कि बहुसंख्यक लोग कम संख्या वाले लोगों का नाश कर देंगे। शेष बात पूर्वग्रह या पक्षपात की है। धर्मांध और धार्मिकता के प्रति रूझान वाले राजनीतिक दल इसके लिए जिम्मेवार हैं। लाहिरी की पुस्तक ने मेरे ज्ञान को बढ़ाया है। पाठको, आपके साथ भी यही होगा। आपको भी यही अनुभव होगा। इस विद्वत्तापूर्ण कार्य को करने के लिए लाहिरी डॉक्टरेट के हकदार हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि कोई विश्वविद्यालय उन्हें यह सम्मान देगा। - कुलदीप नैयर

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Prateep K. Lahari

    प्रतीप कुमार लाहिरी
    शिक्षा: इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में स्नातकोत्तर उपाधि और युनाइटेड किंगडम के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से विकास अध्ययन विषय में विशेष योग्यता के साथ पत्रोपाधि प्राप्त की है। श्री लाहिरी ने छत्तीस वर्षों तक आईएएस अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट सिविल सेवा की है। वे भारत शासन के खनिकर्म मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के सचिव के शीर्ष पदों पर पदस्थ रहे हैं। उन्होंने अनेक बार विदेश यात्राएँ की हैं और विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में भारत शासन के प्रतिनिधि मंडलों का नेतृत्व किया है।
    श्री लाहिरी ने मध्यप्रदेश शासन के अन्तर्गत ग्वालियर सम्भाग के सम्भागीय आयुक्त और बाद में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, के पदों पर कार्य किया है। सिविल सेवा के प्रारम्भिक वर्षों में उन्हें कई जिलों में जिला दंडाधिकारी के रूप में सेवा करते हुए साम्प्रदायिक संघर्षों और दंगों से निपटने का प्रत्यक्ष अनुभव रहा है।
    एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी), मनीला, के रेजीडेंट मंडल में भारत के कार्यपालन निदेशक के रूप में उन्होंने लगभग चार वर्षों तक कार्य किया है। इस दौरान उन्हें भारत के राजदूत का दर्जा प्राप्त था। सिविल सेवा से निवृत्त होने के उपरान्त वे भारत में समाचार पत्रा उद्योग के शीर्ष संगठन इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी (आईएनएस) के महासचिव के रूप में मीडिया से सम्बद्ध रहे हैं।
    सम्प्रति: देश में तकनीकी शिक्षा-क्षेत्रा के अग्रणी संस्थान आईएसएम विश्वविद्यालय, धनबाद, की सामान्य सभा और कार्यपालन मंडल के अध्यक्ष हैं।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144