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Muktibodh Ke Uddharan (Raza Pustak Mala)

Muktibodh Ke Uddharan (Raza Pustak Mala)

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  • Pages: 124
  • Year: 2017, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126730834
  •  
    गजानन माधव मुक्तिबोध की जन्म-शती के दौरान उनके उद्धरणों का यह संचयन विशेष रूप से तैयार और प्रकाशित किया जा रहा है। छोटी कविताओं के समय में मुक्तिबोध लम्बी कविताएँ लिखने का जोखिम उठाते रहे और उनकी आलोचना और चिन्तन लीक से हटकर जटिल थे। इसने उन्हें एक कठिन लेखक के रूप में विख्यात कर दिया। उनके अत्यन्त सार्थक, जटिल साहित्य-संसार में प्रवेश के लिए उद्धरणों का यह संचयन मददगार होगा इस उम्मीद से ही इसे विन्यस्त किया गया है। इससे पाठकों को मुक्तिबोध के संसार में और गहरे जाने का उत्साह होगा। मुक्तिबोध रज़ा के प्रिय कवियों में से एक थे। उनकी एक पंक्ति 'इस तम-शून्य में तैरती है जगत् समीक्षा' का उन्होंने अपने कई चित्रों में इस्तेमाल किया था। मुक्तिबोध अकेले हिन्दी कवि हैं जिन्हें प्रसिद्ध प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के कम से कम तीन बड़े चित्रकारों ने पसन्द किया। रामकुमार ने रोग-शय्या पर लेटे हुए मुक्तिबोध के कई रेखाचित्र बनाये थे जो उनके पहले कविता-संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' में प्रकाशित हुए थे। मकबूल फिदा हुसेन ने जूते न पहनने का निर्णय मुक्तिबोध की शवयात्रा के दौरान लिया था। रज़ा उनकी कविता को हमेशा याद करते रहे। यह संचयन एक शृंखला की शुरुआत भी है। आगे अज्ञेय, शमशेर बहादुर सिंह, रघुवीर सहाय, निर्मल वर्मा आदि के उद्धरणों के संचयन प्रकाशित करने का इरादा है। —अशोक वाजपेयी

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    Prabhat Tripathi

    प्रभात त्रिपाठी

    जन्म : 14 सितम्बर, 1941, रायगढ़ (छ.ग.)।

    शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी., सागर विश्वविद्यालय (म.प्र.)।

    1994-95 में म.प्र. साहित्य अकादमी के सचिव, 2002-03 में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी वि.वि. में अतिथि लेखक।

    प्रकाशन : खिड़की से बरसात (अशोक वाजपेयी द्वारा सम्पादित 'पहचान' सीरिज), नहीं लिख सका मैं, आवाज, जग से ओझल, सड़क पर चुपचाप, लिखा मुझे वृक्षों ने, साकार समय में, बेतरतीब (कविता); सपना शुरू, अनात्मकथा (उपन्यास); प्रतिबद्धता और मुक्तिबोध का काव्य, रचना के साथ, पुनश्च  (आलोचना); तलघर और अन्य कहानियाँ (कहानी); कुछ सच कुछ सपने, तुमुल कोलाहल कलह में (अन्य गद्य)।

    ओड़िया से अनुवाद : समुद्र : सीताकान्त महापात्र, सीताकान्त महापात्र की प्रतिनिधि कविताएँ, गोपीनाथ महांती की कहानियाँ, अपार्थिव प्रेम कविता : हरप्रसाद दास, वंश : महाभारत कविता : हरप्रसाद दास, शैल कल्प : राजेन्द्र किशोर पंडा।

    सम्पादन : पूर्वग्रह के प्रारम्भिक अंकों के सम्पादन में विशेष सहयोग, 1994-95 में म.प्र. साहित्य अकादमी की पत्रिका साक्षात्कार का सम्पादन, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के लिए भवानीप्रसाद मिश्र की रचनाओं के संकलन का सम्पादन, चन्द्रकान्त देवताले की कविताओं का सम्पादन।

    पुरस्कार : वागीश्वरी पुरस्कार, माखनलाल चतुर्वेदी सम्मान, सौहार्द्र पुरस्कार, शमशेर सम्मान, मुक्तिबोध सम्मान, कृष्ण बलदेव वैद सम्मान आदि। 

    सम्पर्क : रामगुड़ी पारा, रायगढ़-496001

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