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Mrityu Mere Dwar Per

Mrityu Mere Dwar Per

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  • Pages: 191p
  • Year: 2007, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126713936
  •  
    यह पुस्तक अंग्रेजी के मशहूर लेखक खुशवंत सिंह की पुस्तक 'डेथ एट माई डोरस्टेप : ओबिटयुअरीज' का अनुवाद है जिसमे उन्होंने कई महान हस्तियों को श्रद्धांजलि देते हुए मृत्यु के विषय में अपना नजरिया व्यक्त किया है ! पुस्तक के पहले खंड में उन्होंने दलाई लामा एवं आचार्य रजनीश के मृत्यु के बारे में विचारों को रखा है और बुढ़ापा, मृत्यु का अनुभव, मृत्यु के पश्चात् जीवन और मृतकों से ज्ञान के बारे में काफी दिलचस्प अंदाज में लिखा है ! पुस्तक के दूसरे खंड में कई हस्तियों की मृत्यु के पश्चात् लिखी गई श्रद्धांजलियाँ जिसमे जेड. ए. भुट्टो, संजय गाँधी, माउंटबेटन, रजनी पटेल, धीरेन भगत, प्रभा दत्त, हरदयाल, मुल्कराज आनंद, नीरद बाबू, बलवंत गार्गी, फैज अहमद फैज, आर. के. नारायण, प्रोतिमा बेदी, नरगिस दत्त, अमृता शेरगिल, भीष्म साहनी सहित अपनी दादी माँ, राज-विला के छ्ज्जुराम और अपने कुत्ते सिम्बा के अलावा अपने ऊपर भी समाधि लेख लिखा है ! इस पुस्तक को पढ़ते हुए पाठकों को खुशवंत सिंह के चुटीले और खिलंदडे अंदाज की झलक मिलेगी और उनकी तटस्थता पाठकों को प्रभावित करेगी !

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    Khushwant Singh

    जन्म: 15 अगस्त, 1915, हडाली (संप्रति, पाकिस्तान में)।

    शिक्षा: लाहौर से स्नातक तथा किंग्स कॉलेज, लंदन से एल.एल.बी.।

    उपलब्धियाँ: 1939 से 1947 तक लाहौर हाईकोर्ट में वकालत की। विभाजन के बाद भारत की ‘राजनयिक सेवा’ के अंतर्गत कनाडा में ‘इन्प़$ॉर्मेशन अफ़सर’ तथा इंग्लैंड में भारतीय उच्चायुक्त के ‘प्रेस अटैची’ रहे। कुछ वर्षों तक प्रिंस्टन तथा स्वार्थमोर विश्वविद्यालयों में अध्यापन भी किया।

    भारत लौटकर नौ वर्षों तक इलस्ट्रेटेड वीकली तथा तीन वर्षों तक हिंदुस्तान टाइम्स का कुशल संपादन किया। 1980 में राज्यसभा के सदस्य मनोनीत हुए। 1974 में पर्भिंूषण की उपाधि मिली, जिसे ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के खिलाफ गुस्सा जताते हुए लौटा दिया।

    तीस से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं, जिनमें प्रमुख हैं: ट्रेन टु पाकिस्तान, हिस्ट्री ऑफ सिख्स के दो खंड तथा रंजीत सिंह। एक और उपन्यास, चार कहानी-संग्रहों तथा अनेक लेखमालाओं के अतिरिक्त उर्दू और पंजाबी में कई अनुवाद भी किए।

    संप्रति: हिंदुस्तान टाइम्स तथा संडे के लिए नियमित रूप से क्रमशः ‘विद मैलिस टुवर्ड्स वन एंड ऑल’ एवं ‘गॉसिप, स्वीट एंड सॉर’ लिखते हैं तथा ‘पेंगुइन बुक्स कंपनी इंडिया’ में सलाहकार संपादक के पद पर कार्यरत हैं।

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