• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Mera Ghar

Mera Ghar

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 95

Special Price Rs. 85

11%

  • Pages: 84p
  • Year: 2002
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8126705965
  •  
    वयोवृद्ध त्रिलोचन इस समय हिन्दी के सम्भवत: सबसे गृहस्थ कवि हैं, इस अर्थ में कि हिन्दी भाषा अपनी जातीय स्मृतियों और असंख्य अन्तर्ध्वनियों के साथ, सचमुच उनका घर है । वे बिरले कवि हैं जिन्हें यह पूरे आत्मविश्वास से कहने का हक़ है कि पृथ्वी मेरा घर है? अपने इस घर को अच्छी तरह? मैं ही नहीं जानता । इस घर में हुब्‍बी, पाँचू टिस्कूल बाबा, आदि सब रसे-बसे हैं । त्रिलोचन की कविता साधारण से साधारण चरित्र या घटना या बिम्ब को पूरे जतन से दर्ज करती है मानो सब कुछ उनके पास-पड़ोस में है, कि 'तारे सब सहचर हैं मेरे' । इस संग्रह में त्रिलोचन की ऐसी कई कविताएँ पहली बार पुस्तकाकार संगृहीत हो रही हैं जो उनके किसी पिछले संग्रह में नहीं आ सकी थीं और इधर-उधर पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई थीं । इस चयन में बिना चीख-पुकार मचाये 'पीड़ा-संग्रह' है और यह मानने की बेबाकी भी कि- मुझे अपने मरने का थोड़ा भी दुख नहीं मेरे मर जाने पर शब्दों से मेरा सम्बन्ध छूट जाएगा? त्रिलोचन की कुछ अवधी कविताएँ इस संग्रह को 'घर की बोली' देती हैं । उनमें न सिर्फ 'भाखा क महिमा' प्रगट है पर स्वयं त्रिलोचन का अत्यन्त स्पन्दित भाषा-संसार भी-एक बार फिर । अशोक वाजपेयी

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Trilochan

    त्रिलोचन

    जन्म-तिथि : 20 अगस्त, 1917

    जन्म-स्थान : गाँव कटघरापट्टी-चिरानीपट्टी, जिला—सुल्तानपुर (उ.प्र.)।

    शिक्षा : अरबी-फारसी

    शिक्षा, साहित्य रत्न, शास्त्री,

    अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. (पूर्वाद्र्ध), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।

    जीविका के लिए बरसों पत्रकारिता और अध्यापन-कार्य। हंस, कहानी, वानर, प्रदीप, चित्ररेखा, आज, समाज और जनवार्ता आदि पत्रिकाओं में सम्पादन-कार्य।

    1952-53 में गणेशराय नेशनल इंटर कॉलेज, जौनपुर में अंग्रेजी के प्रवक्ता रहे। 1967-72 के दौरान वाराणसी में विदेशी छात्रों को हिन्दी, संस्कृत और उर्दू की व्यावहारिक शिक्षा प्रदान की। उर्दू विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

    की द्वैभाषिक कोश (उर्दू-हिन्दी) परियोजना में कार्य (1978-84)। मुक्तिबोध सृजनपीठ, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (म.प्र.) के अध्यक्ष रहे।

    अनेक पुरस्कारों से सम्मानित, जिनमें प्रमुख हैं : साहित्य अकादेमी पुरस्कार, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, हिन्दी अकादमी का शलाका सम्मान, भवानीप्रसाद मिश्र राष्ट्रीय पुरस्कार, सुलभ साहित्य अकादमी पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का महात्मा गांधी सम्मान आदि।

    प्रकाशित कृतियाँ : कविता-संग्रह : ‘धरती’, ‘गुलाब और बुलबुल’, ‘दिगंत’, ‘ताप के ताए हुए दिन’, ‘शब्द’, ‘उस जनपद का कवि हूँ’, ‘अरघान’, ‘तुम्हें सौंपता हूँ’, ‘अनकहनी भी कुछ कहनी है’, ‘फूल नाम है एक’, ‘सबका अपना आकाश’, ‘चैती’, ‘अमोला’, ‘मेरा घर’, ‘जीने की कला’; कहानी संग्रह : ‘देशकाल’; डायरी: ‘रोजनामचा’; आलोचना: ‘काव्य और अर्थबोध’; सम्पादन : ‘मुक्तिबोध की कविताएँ’।

    अन्य : ‘प्रतिनिधि कविताएँ’ : सं.—केदारनाथ सिंह; ‘बात

    मेरी कविता’ (त्रिलोचन की चुनी हुई अपनी कविताएँ); ‘साक्षात् त्रिलोचन’ (लम्बी बातचीत) : दिविक रमेश, कमलाकान्त द्विवेदी; ‘मेरे साक्षात्कार’ : सं.—श्याम सुशील; ‘त्रिलोचन के बारे में’ : सं.—गोविन्द प्रसाद; ‘त्रिलोचन संचयिता’ : सं.—ध्रुव शुक्ल।

    निधन : 09 दिसम्बर, 2007

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144