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Keval Daliton Ke Masiha Nahi Hain Ambedkar

Keval Daliton Ke Masiha Nahi Hain Ambedkar

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Special Price Rs. 270

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  • Pages: 208p
  • Year: 2011
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126719877
  •  
    बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर ने सदियों से सभी तरह के अधिकार एवं सुविधा से वंचित जनसमूहों में यदि चेतना का संचार किया और उन्हें शिक्षित, संगठित होकर संघर्ष करने का मार्ग बताया तो यह उनका दलित-प्रेम नहीं; बल्कि सभी मूल, कुल, वंश, जाति, गोत्र, नस्ल, सम्प्रदाय, वर्ग, वर्ण के अधिकार-वंचितों की सच्ची सेवा का दुर्लभ उदाहरण है। सुविधा तथा अधिकार-वंचित मात्र दलित ही नहीं हैं, वे भी हैं जिनकी उन्नति तथा समृद्धि के सभी मुहानों को उद्धारक कहलाने वाले मायावी मानवों ने अवरुद्ध कर रखा है। इस पुस्तक का प्रणयन डॉ. अम्बेडकर के इन्हीं अवदानों को रेखांकित करने के लिए किया गया है। श्रम-समस्या, नारी-उत्थान, धर्म, सामाजिक न्याय, उद्योग, कृषि, मानव-संसाधन, जल-संसाधन, बीमा उद्योग, मद्यनिषेध, शिक्षा, लोकतंत्र, कार्यपालिका, न्यायपालिका, व्यवस्थापिका, संघीय शासन प्रणाली, भाषायी प्रांत और राष्ट्रभाषा आदि विषयों पर डॉ. अम्बेडकर के चिंतन तथा सिद्धान्त आज भी प्रासंगिक हैं। पुस्तक में इन विषयों के सन्दर्भ में उनके विचारों पर सविस्तार विचार किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि बाबा साहब के विचार समष्टिभावी हैं, व्यष्टिभावी नहीं।

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    Dr. Sukn Paswan Prgyackshu

    जन्म: 18 जनवरी, 1957 को ग्राम साँढ़ाडम्बर, पो. एवं थाना मोतीपुर, जिला मुजफ्फरपुर-843111 (बिहार)।

    शिक्षा: एम.ए. (अर्थशास्त्र), एम.ए. (हिन्दी), पी-एच.डी., डी.लिट्. (अर्थशास्त्र), एल.एल.बी.।

    प्रकाशित कृतियाँ: स्मृति दंश (कहानी संग्रह), इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ (संपादित कहानी संग्रह), प्रेम बिना जग सूना, सत्यं शिवमं सुन्दरम् (आध्यात्मिक ग्रंथ), भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर: : ष्टि और सृष्टि (अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र का संयुक्त संकलन), उपासना, साधना और समाधि (दर्शनशास्त्र), सामाजिक सहअस्तित्व का सिद्धांत, परकटे पक्षी का आकाश, सामाजिक प्राणी नहीं है आदमी (समाजशास्त्र एवं इतिहास), अष्टकमल (आठ विधाओं का संकलन), टुकड़ा टुकड़ा आकाश, अछूत (दलित चेतना की कहानियाँ), ना बांटिए कबीर को (हिन्दी साहित्य का आलोचना ग्रंथ), सुख समृद्धि सफलता के सूत्र (व्यक्तित्व विकास, जीवन कला तथा दर्शन की त्रिवेणी)।

    पुरस्कार एवं सम्मान: डी.लिट्. के लिए प्रस्तुत शोध ग्रंथ पर आधारित प्रकाशित पुस्तक: भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर: : ष्टि एवं सृष्टि पर राजभाषा विभाग, बिहार सरकार द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर पुरस्कार, भारतीय दलित साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार। श्लाघनीय साहित्य सेवा के लिए दिनकर जनपदीय सम्मान। ‘नूनू सिंह पुरस्कार’ से पुरस्कृत। डॉ. अंबेडकर पर डी.लिट्््. बिहार ग्रंथ अकादमी द्वारा सम्मानित।

    पदक: पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक।

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