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Ishq Mein Maati Sona

Ishq Mein Maati Sona

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  • Pages: 88
  • Year: 2018, 2nd Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126728374
  •  
    प्रेम में होना सिर्फ हाथ थामने का बहाना ढूँढना नहीं होता | दो लोगों के उस स्पेस में बहुत कुछ टकराता रहता है | लप्रेक उसी कशिश और टकराहट की पैदाइश है | - रवीश कुमार गिरीन्द्र नाथ झा के लेखन में शहर और गाँव दोनों अपनी वास्तविकता में एक साथ दिखाई देते हैं | 21वीं सदी में जिस तरह वे आंचलिक जीवन की कथा कहते हैं, वह रेणु की परम्परा को आगे बढ़ानेवाला है | रेणु के उपन्यास मैला आँचल के मेरीगंज की तरह गिरीन्द्र का गाँव चनका भी इस किताब में पूरी तरह दिखाई पड़ता है | - इयान वुल्फोर्ड, द हिन्दू

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    Girindra Nath Jha

    गिरीन्द्र नाथ झा

    पांच साल से भी ज्यादा समय देश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनलों में घटना को खबर की शक्ल देने के बाद अब बिहार के अपने गाँव में नए ढंग-ढर्रे से खेती-किसानी और अपने ब्लॉग अनुभव पर लेखन ! दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में ग्रेजुएट ! वाईएम्सीए से पत्रकारिता में डिप्लोमा ! इसी कड़ी में सीएसडीएस-सराय की फैलोशिप पर प्रवासी इलाकों में टेलेफोन बूथ पर रिसर्च ! लप्रेक लेखन में ग्रामीण भारत के रंग भरनेवाले, फनीश्वरनाथ रेणु की भाषा की खुशबू रचनेवाले अनुभूत शैलीकार !

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