• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Ram Prasad Bismil Ko Phansi V Mahavir Singh Ka Balidan

Ram Prasad Bismil Ko Phansi V Mahavir Singh Ka Balidan

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 195

Special Price Rs. 175

10%

  • Pages: 287p
  • Year: 2013
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126724024
  •  
    शताब्दियों की पराधीनता के बाद भारत के क्षितिज पर स्वतंत्रता का जो सूर्य चमका, वह अप्रतिम था। इस सूर्य की लालिमा में उन असंख्य देशभक्तों का लहू भी शामिल था, जिन्होंने अपना सर्वस्व क्रान्ति की बलिवेदी पर न्योछावर कर दिया। इन देशभक्तों में रामप्रसाद बिस्मिल का नाम अग्रगण्य है। संगठनकर्ता, शायर और क्रान्तिकारी के रूप में बिस्मिल का योगदान अतुलनीय है। ‘काकोरी केस’ में बिस्मिल को दोषी पाकर फिरंगियों ने उन्हें फाँसी पर चढ़ा दिया था। इस प्रकरण का दस्तावेजी विवरण प्रस्तुत पुस्तक को खास बनाता है। शहीद महावीर सिंह साहस व समर्पण की प्रतिमूर्ति थे। तत्कालीन अनेक क्रान्तिकारियों से उनके हार्दिक सम्बन्ध थे। इनका बलिदान ऐसी गाथा है, जिसे कोई भी देशभक्त नागरिक गर्व से बार-बार पढ़ना चाहेगा। पुस्तक पढ़ते समय रामप्रसाद बिस्मिल की ये पंक्तियाँ मन में गूँजती रहती हैंदृ सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़घए क़ातिल में है। एक संग्रहणीय पुस्तक।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Malvender.jit Singh waraich

    जन्म : 1929, गाँव लाधेवाला वढ़ैच, जिला गुजराँवाला।

    शिक्षा : अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थ शास्त्र और समाज शास्त्र में एम.ए.।

    30 साल गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना में पढ़ाने के उपरान्त नवम्बर, 1989 में सेवानिवृत्त। फिर एल.एल.बी. करके 1992 में माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की और वहाँ जनहित पिटिशनों (क्कढ्ढरुह्य) द्वारा 'कूका विद्रोह’, 'गदर लहर’, 'कौमागाटा मारू’ और 'जलियाँवाला बाग’ के शहीदों को कानूनी तौर पर 'शहीदों’ का दर्जा दिलवाया।

    पहली पुस्तक 'जीवन संग्राम : आत्मकथा बाबा सोहन सिंह भकना’ (उर्दू से पंजाबी में अनुवाद)। अब तक क्रान्तिकारियों के बारे में लगभग 40 किताबें अंग्रेजी, पंजाबी और हिन्दी में प्रकाशित। यह सिलसिला आज भी जारी है।

    हिन्दी में लिखी पुस्तकों में 'भगत सिंह को फाँसी’ (अदालती फैसले), भाग-1, 'भगत सिंह को फाँसी’ (अदालती गवाहियाँ), भाग-2, 'चन्द्रशेखर आजाद : विवेकशील क्रान्तिकारी’, 'राम प्रसाद बिस्मिल को फाँसी व महावीर सिंह का बलिदान’, 'भगत सिंह अमर विद्रोही’ शामिल हैं।

    आप ने क्रान्तिकारियों की एक गैलरी, 'नेशनल गैलरी ऑफ पोर्टरेट्स (1857-1947)’ की रचना भी की है, जो सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी, सेक्टर 17, चंडीगढ़ में सुशोभित है।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144