• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Pragaitihas

Pragaitihas

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 295

Special Price Rs. 266

10%

  • Pages: 93p
  • Year: 2019, 4th Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126725182
  •  
    इस पुस्तक में उस युग की कहानी है जिस पर लिखित दस्तावेजों से कोई रोशनी नहीं पड़ती। यह पुस्तक ‘भारत का लोक इतिहास’ (पीपुल्स हिस्ट्री ऑफ इंडिया) नामक एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है, लेकिन इसे एक स्वतन्त्र पुस्तक के रूप में भी देखा जा सकता है। तीन अध्यायों की इस पुस्तक के पहले अध्याय में भारत की भूगर्भीय संरचनाओं, मौसम में परिवर्तन तथा प्राकृतिक पर्यावरण (वनस्पति और प्राणी जगत) की उस हद तक चर्चा की गई है, जहाँ तक हमारे प्रागैतिहास और इतिहास को समझने के लिए प्रासंगिक है। दूसरे अध्याय में मानव जाति की कहानी को पूरी दुनिया के सन्दर्भ में और फिर उसके अन्दर भारत के सन्दर्भ में पेश किया गया है। उसके औजार समूहों में परिवर्तन को औजार निर्माता लोगों के प्रकार के साथ जोडक़र देखा गया है। तीसरा अध्याय मूल रूप से खेती के विकास और उसके साथ-साथ शोषणकारी सम्बन्धों की शुरुआत का वर्णन करता है। इस पुस्तक में इस बात की कोशिश की गई है कि ताजातरीन सूचनाएँ, उपलब्ध प्रामाणिक ग्रन्थों और पत्रिकाओं से ही उद्धृत की जाएँ। यह भी कोशिश की गई है कि चीजों को ‘लोक लुभावन’ तथा आडम्बरपूर्ण बनाए बगैर शैली को सरलतम रखा जाए। तकनीकी शब्दों के प्रयोग को न्यूनतम रखा गया है और यह भी प्रयास किया गया है कि प्रत्येक तकनीकी शब्द का प्रयोग करते समय वहीं पर उसकी एक परिभाषा प्रस्तुत कर दी जाए। प्रत्येक अध्याय के अन्त में एक पुस्तक सूची टिप्पणी भी दी गई है जहाँ उस विषय पर और अधिक सूचना देनेवाली महत्त्वपूर्ण पुस्तकों और लेखों को संक्षिप्त टिप्पणियों के साथ दर्ज किया गया है।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Irfan Habib

    इरफान हबीब

    यशस्वी इतिहासकार। उन्नत इतिहास अध्ययन केन्द्र, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़  में  प्रोफेसर  एमेरिटस  हैं।

    प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित सैकड़ों लेखों के अलावा आप एग्रेरियन सिस्टम ऑफ मुगल इंडिया (1963), संशोधित संस्करण : 1999; एन एटलस ऑफ द मुगल इंपायर (1982); एस्सेज़ इन इंडियन हिस्ट्री; टुवड्र्स ए मार्किसस्ट परसेप्शन (1995) तथा मेडिवल इंडिया : द स्टडी ऑफ ए सिविलाइजेशन (2001) के लेखक हैं। आप कैम्ब्रिज इकॉनोमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया-खंड-ढ्ढ (1982), यूनेस्को की हिस्ट्री ऑॅफ ह्यूमेनिटी-खंड-ढ्ढङ्क व ङ्क तथा हिस्ट्री ऑफ सेंट्रल एशिया-खंड-ङ्क के सह-सम्पादक भी हैं।

    भारत का लोक इतिहास  ((People’s History of India)) शृंखला के प्रधान सम्पादक, जिसके तहत आपने पाँच पुस्तकों का लेखन व दो पुस्तकों में सहलेखन किया है।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144