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Chandrashekhar Azad Viveksheel Krantikari

Chandrashekhar Azad Viveksheel Krantikari

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  • Pages: 236p
  • Year: 2013, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126724031
  •  
    ‘चन्द्रशेखर आज़ाद: विवेकशील क्रान्तिकारी’ प्रत्येक भारतीय के लिए एक अनिवार्य पाठ्य-पुस्तक की तरह है। चन्द्रशेखर आज़ाद ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में महानायक की भूमिका निभाई। सच्चे अर्थों में उनका तन-मन-धन भारतमाता की सेवा में समर्पित रहा। वे आज़ाद जिए और अन्त तक पुलिस के हाथ न आए। आज़ाद ने अपने साहसी व्यक्तित्व से आज़ादी के देशव्यापी अभियान को क्रान्ति की अद्भुत गरिमा प्रदान की। उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर असंख्य युवाओं ने क्रान्ति के मार्ग पर कदम बढ़ाए। सरदार भगत सिंह के साथ तो आज़ाद का विशेष लगाव था। इस पुस्तक के अनुसार, ‘भगत सिंह को आज़ाद केवल पार्टी के एक सदस्य के नाते ही नहीं देखते थे, बल्कि उन्हें अपने भाई की तरह, अपने परिवार के व्यक्ति की तरह मानते और अत्यधिक स्नेह करते थे।’ सत्य तो यह है कि आज़ाद को प्रत्येक क्रान्तिकारी में अपना ही रूप दिखाई देता था। प्रस्तुत पुस्तक अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद के जीवन-वृत्तान्त के साथ उनके युग की महान गाथा रेखांकित करती है। समकालीन सन्दर्भों में यह पुस्तक अत्यधिक महत्त्वपूर्ण हो उठती है।

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    Malvender.jit Singh waraich

    जन्म : 1929, गाँव लाधेवाला वढ़ैच, जिला गुजराँवाला।

    शिक्षा : अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थ शास्त्र और समाज शास्त्र में एम.ए.।

    30 साल गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना में पढ़ाने के उपरान्त नवम्बर, 1989 में सेवानिवृत्त। फिर एल.एल.बी. करके 1992 में माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की और वहाँ जनहित पिटिशनों (क्कढ्ढरुह्य) द्वारा 'कूका विद्रोह’, 'गदर लहर’, 'कौमागाटा मारू’ और 'जलियाँवाला बाग’ के शहीदों को कानूनी तौर पर 'शहीदों’ का दर्जा दिलवाया।

    पहली पुस्तक 'जीवन संग्राम : आत्मकथा बाबा सोहन सिंह भकना’ (उर्दू से पंजाबी में अनुवाद)। अब तक क्रान्तिकारियों के बारे में लगभग 40 किताबें अंग्रेजी, पंजाबी और हिन्दी में प्रकाशित। यह सिलसिला आज भी जारी है।

    हिन्दी में लिखी पुस्तकों में 'भगत सिंह को फाँसी’ (अदालती फैसले), भाग-1, 'भगत सिंह को फाँसी’ (अदालती गवाहियाँ), भाग-2, 'चन्द्रशेखर आजाद : विवेकशील क्रान्तिकारी’, 'राम प्रसाद बिस्मिल को फाँसी व महावीर सिंह का बलिदान’, 'भगत सिंह अमर विद्रोही’ शामिल हैं।

    आप ने क्रान्तिकारियों की एक गैलरी, 'नेशनल गैलरी ऑफ पोर्टरेट्स (1857-1947)’ की रचना भी की है, जो सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी, सेक्टर 17, चंडीगढ़ में सुशोभित है।

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      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
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