• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Hindi Web Sahitya

Hindi Web Sahitya

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 600

Special Price Rs. 540

10%

  • Pages: 336p
  • Year: 2013
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126724536
  •  
    हिंदी भाषा और साहित्य की विभिन्न वेबसाइट्‌स पर प्रकाशित साहित्य का यह पहला व्यवस्थित अनुसंधान है । इसके अलावा इसमें कंप्यूटर के उद्‌भव, वेबसाइटों के निर्माण और पोर्टल्स की बनावट आदि की बुनियादी जानकारी भी दी गई है । सीधे इंटरनेट पर प्रकाशित हिंदी साहित्य का व्यापक परिचय देनेवाली यह पुस्तक ज्ञानभाषा के रूप में हिंदी की क्षमता को भी रेखांकित करती है और इंटरनेट जैसे सर्वव्यापी मंच पर हिंदी के नए उभरते भाषा-वैज्ञानिक स्वरूप को भी स्पष्ट करती है । यह पुस्तक उन साहित्यकारों, समीक्षकों, अध्यापकों और रचनाकारों के लिए भी 'आई ओपनर' का काम करेगी जो अभी तक इंटरनेट से बचते आए हैं और उसकी क्षमता तथा उपयोगिता को नजरअंदाज करते रहे हैं । हिंदी के प्रति उपयोजित प्रतिबद्धता (Applied Commitment) की भूमिका के प्रति आगाह कर यह पुस्तक हमें संगणकीय प्रयोग के लिए प्रोत्साहन भी देती है । हिंदी को विश्वभाषा के रूप में चिन्हित करती यह पुस्तक इसलिए भी अनूठी है कि इसमें एक भी मुद्रित संदर्भ नहीं है, जो है, सब ऑनलाइन बिब्लियोग्राफी है ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Dr. Sunil kumar Lavte

    महाराष्ट्र राज्य में अनाथों के संगोपन एवं पुनर्वास कार्यकर्ता के रूप में सुविख्यात।

    शिक्षा: एम.ए., पी-एच.डी.

    रचनाएँ: हिन्दी में नाटककार शंकर शेष (1982), यशपाल: एक समग्र मूल्यांकन (1984) तथा शेवडे: व्यक्तित्व एवंकृतित्व (1986) जैसे समीक्षा ग्रन्थ बहुचर्चित एवं पुरस्कृत। मराठी एवं हिन्दी में मौलिक लेखन के साथ अनुवाद, समीक्षा, सम्पादन एवं अनुसंधान कार्य।

    फिलहाल वि.स. खांडेकर के समग्र साहित्य सम्पादन प्रकल्प में व्यस्त।

    विदेश-यात्रा: यूरोप एवं एशिया के अनेक देशों का भारतीय शिष्टमंडल के साथ भ्रमण एवं अध्ययन।

    पुरस्कार: हिन्दी सेवा के लिए केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, भारत सरकार तथा हिन्दी साहित्य अकादमी, महाराष्ट्र सरकार द्वारा गौरव।

    प्रस्तुत अनुवाद की मूल आत्मकथा ‘नीचे धरा, ऊपर गगन’ को महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र फाउंडेशन, अमेरिका का श्रेष्ठ ग्रन्थ पुरस्कार।

    प्रस्तुत रचना का गुजराती एवं ब्रेल में अनुवाद। अनेक विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में अन्तर्भूत।

    इस आत्मकथा का रेडियो से प्रसारण भी हो चुका है।

    सम्प्रति: महावीर महाविद्यालय, कोल्हापुर (महा.) के प्राचार्य।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144