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Ek Bimb Hai Yeh

Ek Bimb Hai Yeh

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  • Pages: 106p
  • Year: 2005
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 8126710527
  •  
    हिन्दी कविता ने पिछले सौ वर्षों में जो त्वरित विकास किया है, ये कविताएँ उसी का विस्तार हैं। हिन्दी कविता के विकास की जो वक्र गति है, आज सन् 2004 में इन कविताओं के शिल्प और कथ्य में अनजाने ही वह विकास झलक मारता है। पिछले दिनों, यानी सन् ’90 के दशक से कविता भारतीय जीवन के हाशिए पर काम कर रही है। कवि अपने व्यक्तिगत अनुभवों को बार-बार केन्द्र का अनुभव बताने की कोशिश करते हैं। वे हाशिए को केन्द्र में खींच लाने का प्रयत्न अपने छोटे-छोटे व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से करते हैं। इसमें घर-परिवार, राजनीति-समाज-संस्कृति - सारी बातों को समेट कर एक नया राग रचने की कोशिश होती है। विवेक निराला ने भी अपनी कविताओं से यह काम सफलतापूर्वक किया है। कविताओं में एक व्यंग्य और भावुकता का मिला-जुला संगम है। अक्सर भावुकता में भी व्यंग्य है और व्यंग्य भी भावुक है। इसकी वजह से कविताओं में एक ख़ास किस्म की बहिर्मुख मुखरता अधिक गुंजायमान हो उठी है। सलीका, निराला का तख़्त, चिन्तन के लिए, प्रतीक, एक अनन्तिम प्रेमकथा और संग्रह की बहुत सारी कविताएँ मेरे इस कथन का प्रमाण हैं। ये सारी कविताएँ मिलकर उपर्युक्त बिम्ब रचती हैं। अलग से बिम्ब-रचना का प्रयत्न इस कवि में कम है, जो इधर चलन में है। इसी से यह कवि अपना अलग व्यक्तित्व भी रचता है। बिम्ब-रचना के कारण कविता में जो गहरे इशारे होते हैं और जो शब्द-संक्षिप्ति आती है, विवेक निराला उस तरह के कवि नहीं हैं। कहें, तो यह कह सकते हैं कि वे अभिधा के कवि हैं और मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी, नवीन, भवानी प्रसाद मिश्र और कुछ-कुछ रघुवीर सहाय की परम्परा में आते हैं। उनमें परम्परा से विचलन नहीं उसी की संपुष्टि और बढ़ोत्तरी है। उम्मीद करता हूँ कि वे अपने कवि का विकास अपनी ही तरह करने में सफल होंगे। - दूधनाथ सिंह

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    Vivek Nirala


    जन्म : 30 जून, 1974
    शिक्षा : एम.ए., डी.फिल. (इलाहाबाद  विश्वविद्यालय)।
    रचनाएँ : एक बिम्ब है यह (2005) के बाद यह दूसरा कविता-संग्रह; निराला-साहित्य में दलित चेतना और निराला-साहित्य में प्रतिरोध के स्वर (आलोचना) तथा सम्पूर्ण बाल रचनाएँ : सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' नामक पुस्तक का सम्पादन।
    सम्प्रति : कौशाम्बी जनपद के एक महाविद्यालय में विभागाध्यक्ष।
    सम्पर्क : निराला-निवास, 265 बख्शी खुर्द, दारागंज, इलाहाबाद -211006

    Email : viveknirala@gmail.com

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