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Dharam Ke Naam Par

Dharam Ke Naam Par

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  • Pages: 236p
  • Year: 2013
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126725663
  •  
    धर्म के सही चरित्र एवं स्वरूप से परिचित हुए बिना विवेकहीनता, अन्धविश्वासों एवं भ्रान्तियों से मुक़ाबला नहीं किया जा सकता। इस दिशा में यह पुस्तक एक सार्थक प्रयास है। लेखक ने निष्पक्ष दृष्टि से बिना किसी पूर्वाग्रह के तीन धर्मों - हिन्दू, ईसाई और इस्लाम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए हिंसा, नारी और दासत्व के सन्दर्भ में संक्षिप्त पर तथ्यपरक व वस्तुगत विश्लेषण प्रस्तुत किया है। धर्म का वीभत्स और बर्बर रूप आज हम देख रहे हैं। पूरे भारतीय उपमहाद्वीप और अफ़ग़ानिस्तान में धर्म के रक्तरंजित इतिहास को दोहराया जा रहा है। धार्मिक-स्थल अपराधियों के शरण-स्थल बने हुए हैं। धर्म का अपराध के साथ गठजोड़ चिन्तित करता है। भजन-कीर्तन-प्रवचन के आयोजनों और धार्मिक-स्थलों के निर्माण में बेशुमार वृद्धि हुई है, वहीं हत्या, बलात्कार, उत्पीड़न और भ्रष्टाचार बढ़े हैं। स्वयं मनुष्य अपनी नियति तथा भाग्य का निर्माता है। समता, स्वतन्त्रता और न्याय प्रत्येक व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है। कोई भी ऐसी व्यवस्था जो मनुष्य को इन अधिकारों से वंचित करती है, वह मानव-विरोधी है, चाहे वह धर्म हो या साम्राज्यवाद या फासीवाद या निजी स्वार्थों पर आधारित विकृत तथा जनविरोधी जनतन्त्र। मनुष्य सर्वोपरि है, उसके ऊपर कोई नहीं, न धर्म न ईश्वर।

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    Geetesh Sharma

    गीतेश शर्मा
    जन्म : 1932
    स्थान : लखीसराय, बिहार
    शिक्षा : दसवीं
    लेखक, पत्रकार, कल्चरल एक्टिविस्ट, अनीश्वरवादी, भौतिकवादी, चार्वाक, सांख्य दर्शन के अनुयायी।
    24 पुस्तकों के रचयिता—12 अंग्रेजी, 12 हिंदी।
    भारत के अलावा एशिया, अमरीका, अफ्रीका एवं यूरोप के 29 देशों का भ्रमण। विभिन्न विश्वविद्यालयों में आयोजित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में भागीदारी।
    चर्चित पुस्तकें : धर्म के नाम पर, टैगोर : एक दूसरा पक्ष, हो-ची-मिन्ह और भारत (अंग्रेजी, हिंदी), वियतनाम : 1982-2017, नागार्जुन और कलकत्ता, भगतसिंह का रास्ता।
    25 वर्षों तक कलकत्ता से लोकप्रिय साप्ताहिक 'जन संसार' का संपादन, प्रकाशन।
    बुद्ध की उक्ति—'हर चीज पर शंका करो, किसी का अंधानुकरण न करो, अपना पथ प्रदर्शक खुद बनो' का अनुकरण।
    मरणोपरांत देहदान की वसीयत।
    ई-मेल : geetesh32@gmail.com

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