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Desh Ke Is Daur Mein

Desh Ke Is Daur Mein

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  • Pages: 111p
  • Year: 2000
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8171788556
  •  
    परसाई जी पर आपकी किताब मिल गई और पढ़ ली गई । अपने देश व समाज से, मानवता से आप जिस गहराई तक जुड़े हैं, उस पर अचंभा होता है । आपके लेखन से ताकत मिलती है । बहुत-सी चीजें साफ होती हैं । परसाई जी का मैं प्रशंसक हूँ आज से नहीं, बहुत पहले से । हिंदी में आज तक ऐसा हास्य-व्यंग्यकार नहीं हुआ । आपने बहुत बड़ा काम किया है । परसाई जी की जीवनी और कृतित्व दोनों को मिलाकर एक पुस्तक लिखी जानी चाहिए । -अमरकान्त परसाई पर विश्वनाथ त्रिपाठी ने पहली बार गंभीरता से विचार किया है । यह अभी तक की एक अनुपम और अद्वितीय पुस्तक है, जिसमें परसाई के रचना-संसार को समझने और उद्‌धाटित करने का प्रयास किया गया है । -ज्ञानरंजन परसाई का लेखन डी. विश्वनाथ त्रिपाठी के चिंतन के करीब पड़ता है । वे अपने चिंतन को परसाई की रचना से पुष्ट और समृद्ध करते हैं । परसाई जी के निबंधों की उन्होंने बहुत् तरह से, बहुत कोणों से जाँच-पड़ताल की है-वर्तमानता की दृष्टि से, मनोविकारों की दृष्टि से, कला की दृष्टि से और रूप की दृष्टि से । -बलीसिंह

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    Vishwanath Tripathi

    विश्वनाथ त्रिपाठी

    जन्म: 16 फरवरी, 1931, जिला बस्ती (अब सिद्धार्थनगर) के बिस्कोहर गाँव में।

    पिता: श्री तेज बहादुर तिवारी।

    माता: श्रीमती सिरताजी देवी।

    13 जुलाई, 1956 को श्रीमती माहेश्वरी त्रिपाठी से विवाह।

    शिक्षा: पहले गाँव में, फिर बलरामपुर कस्बे में, उच्च शिक्षा कानपुर और वाराणसी में। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से पी-एच.डी.।

    कृतियाँ: प्रारम्भिक अवधी, हिन्दी आलोचना, हिन्दी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास, लोकवादी तुलसीदास, मीरा का काव्य, देश के इस दौर में (परसाई केन्द्रित), कुछ कहानियाँ: कुछ विचार, पेड़ का हाथ (केदारनाथ अग्रवाल केन्द्रित), जैसा कह सका (कविता संकलन), नंगातलाई का गाँव (स्मृति-आख्यान), व्योमकेश दरवेश (आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का पुण्य स्मरण)।

    सम्पादन: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी के साथ अद्दहमाण (अब्दुल रहमान) के अपभ्रंश काव्य ‘संदेश रासक’ का सम्पादन, कविताएँ 1963, कविताएँ 1964, कविताएँ 1965 (तीनों अजित कुमार के साथ), हिन्दी के प्रहरी: रामविलास शर्मा (अरुण प्रकाश के साथ)।

    सम्मान: गोकुलचन्द्र शुक्ल आलोचना पुरस्कार, डॉ. रामविलास शर्मा सम्मान, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, हिन्दी अकादमी का साहित्यकार सम्मान।

    सम्पर्क: बी.-5, एफ-2, दिलशाद गार्डन, दिल्ली-45

    फोन: 011-22581418

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