• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Democresiya

Democresiya

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 300

Special Price Rs. 270

10%

  • Pages: 144P
  • Year: 2013
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126724215
  •  
    'डेमोक्रेसिया' प्रतिष्ठित कथाकार असगर वजाहत की विशिष्ट कहानियों का संग्रह है ! संग्रह की भूमिका में वे लिखेते है : 'जीवन इतना नंगा हो गया है कि अब लेखक उसकी परतें उखड़ेगा ? रोज अख़बारों में जो छपता है वह पूरे समाज को नंगा करने के लिए काफी हैं ! मूल्यहीनता की जो स्थिति है, स्वार्थ साधने की जो पराकाष्ठा है, हिंसा और अपराध का जो बोलबाला है, सत्ता और धन के लिए कुछ भी कर देने की होड़, असहिष्णुता और दूसरे को अपमानित करने का भाव जो आज हमारे समाज में है, वह पहले नहीं थी ! आज हम अजीब मोड़ पर खड़े हैं ! रचनाकार के लिए यह चुनोतियों से भरा समय है ! और इन हालात में लगता है, क्या लिखा जाए ?' लेखन, सम्प्रेषण, हस्तक्षेप और सार्थकता से जुड़े सवालों का सामना असगर वजाहत ने अपनी कहानियों में बखूबी किया है ! भाषा की व्यंजनाशक्ति का ऐसा विलक्षण प्रयोग बहुत कम रचनाकारों में दीखता है ! 'देखन में छोटे लगें घाव करें गंभीर' के अर्थ को इन कहानियों में सोदाहरण पढ़ा जा सकता है ! प्रखर राजनितिक-सामाजिक विवेक असगर वजाहत की रचनाओं में प्राणशक्ति है !

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Asghar Wajahat

    जन्म : 1946, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश।

    शिक्षा : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए., पी-एच.डी. और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से पोस्ट डाक्टोरल रिसर्च। 1971 से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली के हिन्दी विभाग में अध्यापन। पाँच वर्षों तक ओत्वोश लोरांड विश्वविद्यालय, बुडापेस्ट, हंगरी में अध्यापन। यूरोप और अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में व्याख्यान।

    पाँच उपन्यास, दो लघु उपन्यास, छह पूर्णकालिक नाटक, यात्रा संस्मरण की तीन पुस्तकें, नुक्कड़ नाटकों का एक संग्रह और साहित्यिक आलोचना की एक पुस्तक प्रकाशित।

    प्रमुख प्रकाशन : सात आसमान, कैसी आगी लगाई, बरखा रचाई, मनमाटी (उपन्यास), मैं हिन्दू हूँ, डेमोक्रेसिया (कहानी संग्रह)।

    रचनाओं का कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद। नाटकों के मंचन देश-विदेश की कई भाषाओं में हैं।

    रचनात्मक लेखन के अलावा नियमित रूप से विभिन्न अखबारों और पत्रिकाओं के लिए लेखन। 2007 में बीबीसी हिन्दी के अतिथि सम्पादक। 'हंस’ पत्रिका के लिए विशेष अतिथि सम्पादक के रूप में 'भारतीय मुसलमान : वर्तमान और भविष्य’ विषय पर और 'वर्तमान साहित्य’ के लिए 'प्रवासी साहित्य’ पर विशेषांकों का सम्पादन।

    फिल्मों के लिए पटकथाएँ लिखने के अलावा धारावाहिक और डॉक्यूमेंटरी फिल्में भी बनाई हैं।

    कथा यूके सम्मान और हिन्दी अकादेमी, दिल्ली से सम्मानित; कई अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित।

    चित्रकला और पर्यटन में गहरी रुचि।

    सम्प्रति : प्रोफेसर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144