• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Ganzifa Aur Anya Kahaniyan (Raza Pustak Mala)

Ganzifa Aur Anya Kahaniyan (Raza Pustak Mala)

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 399

Special Price Rs. 359

10%

  • Pages: 147
  • Year: 2018, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126730988
  •  
    ''हिन्दी और उर्दू के बीच संवाद, आवाजाही और लेन-देन हिन्दी परम्परा का एक ज़रूरी हिस्सा रहे हैं। उर्दू साहित्य का बहुत बड़ा हिस्सा देवनागरी और हिन्दी में पढ़ा-गुना-सराहा जाता रहा है। हमें इसी क्रम में उर्दू के मशहूर कथाकार नैयर मसूद की कहानियों का एक चयन हिन्दी में प्रस्तुत करते हुए खुशी है। यह सि$र्फ एक समृद्ध भारतीय प्रतिभा से परिचित कराने भर का उद्यम नहीं है, यह इस सच्चाई पर इसरार करना भी है कि उर्दू में नवाचार सशक्त ढंग से अनेक रूपों में हो रहा है। इस नवाचार का आस्वाद हिन्दी पाठक को भी लेना चाहिए।'' —अशोक वाजपेयी

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Naiyar Masood

    नैयर मसूद 

    १६ नवम्बर १९३६ को लखनऊ में जन्मे नैयर मसूद को शुरुआती तालीम उनके पिता और उर्दू के प्रतिष्ठित विद्वान प्रोफेसर मसूद हसन रिज़वी 'अदीब' से मिली। प्रोफेसर मसूद हसन रिज़वी को उर्दू में शोध और आलोचना के क्षेत्र में ऊँची जगह हासिल है, १९७० में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नैयर मसूद के चचा अजहर मसूद विख्यात व्यंग्यकार रहे हैं।

    नैयर मसूद ने १९५७ में फारसी साहित्य में एम. ए. और फिर फारसी और उर्दू में पी-एच.डी. किया। वे लखनऊ यूनिवर्सिटी के फारसी विभाग में प्रो$फेसर रहे और वहीं से रिटायर हुए। नैयर मसूद के चार कहानी संग्रह : गंजीफा, सीमिया, इतर काफूर और ताऊस चमन की मैना प्रकाशित हो चुके हैं। ताऊस चमन की मैना कहानी-संग्रह के लिए २००१ में उन्हें उर्दू का साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला और सन २००७ में उन्हें 'सरस्वती सम्मान' से सम्मानित किया गया।

    विश्व विख्यात पत्रिका एनुअल ऑफ उर्दू स्टडीज़ का १९९७ का पूरा अंक नैयर मसूद की रचनाओं पर केन्द्रित रहा है। उनकी कहानियों के अँग्रेज़ी तर्जुमों का संग्रह द एसेंस ऑफ कैम्फर और द स्नेक कैचर के नाम से प्रकाशित हुए हैं; इन कहानियों का अनुवाद अनिल मेनन ने किया है। नैयर मसूद के आलोचनात्मक लेखों के अनेक संग्रह प्रकाशित हैं। उन्होंने मशहूर मर्सिया निगार शायर मीर अनीस की जीवनी लिखी है। विशेष रूप से काफ्का की रचनाओं सहित अन्य अनेक साहित्यकारों की रचनाओं का उर्दू में अनुवाद भी उन्होंने किया है। 

    २४ जुलाई २०१७ को लखनऊ में ही उनका इंतिकाल हुआ।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144