• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Bhartiya Sahitya Sthapanayen Aur Prastavanayen

Bhartiya Sahitya Sthapanayen Aur Prastavanayen

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 250

Special Price Rs. 225

10%

  • Pages: 131p
  • Year: 2012
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126707072
  •  
    भारतीय साहित्य भारत के जनगण की ही तरह विविधता और एकता के परस्पर सूत्रों से बुनी हुई एक सघन इकाई है । विभिन्न धाराओं, व्यक्तित्वों और विचार-सरणियों के लोकतांत्रिक अन्तर्गुफन से ही वह अस्तित्व में आती है । वरिष्ठ मलयाली कवि और चिन्तक के. सच्चिदानन्दन की यह पुस्तक एक तरफ जहाँ इस विविधता के सूत्रों को रेखांकित करती है, वहीं साहित्य और विशेषकर भारतीय साहित्य की वर्तमान स्थिति व उसके सामने उपस्थित चुनौतियों का भी अन्वेषण करती है । मूल रूप से अँगरेजी में 'इंडियन लिटरेचर : पोजीशंस एंड प्री पोजीशंस' नाम से प्रकाशित और बहुपठित इस पुस्तक में मिर्जा गालिब, महाश्वेता देवी, ए.के. रामानुजन, ५२- खांडेकर, कमलादास, चन्द्रशेखर कंबार, केदारनाथ सिंह, सई सीताकांत महापात्र, आक्टेवियो पाज और पाब्लो नेरुदा जैसे साहित्य-स्तम्भों के साथ-साथ साहित्य की मौजूदा चिन्ताओं और प्रवृत्तियों को चिन्तन का विषय बनाया गया है । पाठक इस निबन्ध संकलन में उत्तर-आधुनिकता, आधुनिकता दलित-लेखन, स्त्री-लेखन, भारतीय आख्यान परम्परा, पाठक की नई भूमिका, आधुनिक लेखक की दुविधाएं तथा कविता का कार्य आदि अनेक समकालीन तथा ज्वलंत मुद्‌दों पर भी विचारोत्तेजक सामग्री पाएँगे ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    K. Satchidanandan

    के.  सच्चिदानन्दन  मलयालम  के  आधुनिक  और आधुनिकोत्तर कवियों में अग्रणी हैं। मलयालम में आपकी कविताओं के 18 संकलनों के अलावा अनूदित कविताओं के 15 संकलन, दो नाटक और आलोचना एवं साक्षात्कार के 15 संकलन प्रकाशित हैं। अंग्रेजी, तमिल और हिन्दी में तीन-तीन तथा गुजराती और कन्नड भाषाओं में अनूदित आपकी कविताओं के संकलन भी प्रकाशित हैं और बांग्ला, पंजाबी एवं ओड़िया भाषाओं में शीघ्र प्रकाश्य हैं। आपकी अंग्रेजी रचनाओं का एक संग्रह भी प्रकाशित हो चुका है।

    आपने अंग्रेजी और मलयालम की अनेक पुस्तकों का सम्पादन भी किया है।

    आपने अनेक अन्तर्राष्ट्रीय काव्योत्सवों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है तथा अमेरिका, रूस, लातीविया, स्वीडेन, इटली, युगोस्लाविया, जर्मनी और चीन के अलावा भारत के विभिन्न भागों में आलेख और व्याख्यान दिए हैं।

    केरल साहित्य अकादेमी पुरस्कार (तीन बार कविता, आलोचना और नाटक के लिए), उक्कूर पुरस्कार, पी. कुंजिरामन् नायर पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद् पुरस्कार, ओमान कल्चरल सेंटर अवार्ड और संस्कृति विभाग (भारत सरकार) की वरिष्ठ विद्वत-वृत्ति सहित आपको अनेक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

    आप केरल में पच्चीस वर्षों तक अंग्रेजी के प्राध्यापक रहे, इंडियन लिटरेचन पत्रिका का सम्पादन किया और सम्प्रति साहित्य अकादेमी के सचिव हैं।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144