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Bhadrapad Ki Sanjh

Bhadrapad Ki Sanjh

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  • Pages: 227p
  • Year: 1996
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8171784933
  •  
    रवीन्द्रनाथ त्यागी ने न तो .शुद्ध हास्य लिखा, न शुद्ध व्यंग्य और न शुद्ध ललित-निबंध । तीनों की मिली-जुली विशेषताओं को लेकर उन्होंने अपने खास रंग को शोख व चटख बनाया 1 उनके लेखन से जो आनन्द मिलता है, वह इधर के बहुत सारे लेखन से नहीं मिलता । जो लेखन एक 'ज्वॉय' दे, एक 'एक्सटेसी ' दे, उसकी अहमियत से इनकार नहीं किया जा सकता । वैसे भी जितना वैविध्य रवीन्द्रनाथ त्यागी में है, उतना उनके समकालीन किसी भी व्यंग्यकार के पास नहीं है.. डॉ. धनंजय वर्मा रवीन्द्रनाथ त्यागी को पढ़ना मुश्किल है क्योंकि बीच -बीच में हँसना पड़ता है । मुझे हँसते देखकर घर के सयाने बच्चे और विद्वान् अनुसंधित्सु मेरी हँसी उड़ाते हैं और पुस्तक को मेरे हाथ से छीनकर पढ़ने लगते हैं । जन वे भी हँसने लगते है तो मैं इस .शून्यकाल का फायदा उठाकर पुस्तक फिर पढ़ने लगता हूँ । त्यागीजी की भाषा नटखट, प्रभावशाली व सुखकारी है । मैं उनके साहित्य को व्यंजना -कौशल की बारीकियों की दृष्टि से 'व्यंग्य ' कहता हूँ । उन्होंने साहित्य का गंभीर अध्ययन किया है और बुहमुखी संदर्भशीलता भी उनके साहित्य में है । ' व्यंग्य ' को मूलतत्त्व है भाषा में अभिव्यंजना की एक विशेष .शक्ति पैदा करना । रवीन्द्रनाथ त्यागी तथा श्रीलाल .शुक्ल के अतिरिक्त किसी और हिंदी -व्यंग्यकार के पास अ ध्ययन- गर्भित प्रजातीय संस्कृति की भाषा- संश्लिष्टता और बहुविद्या के साथ- साथ शब्द-मुद्रा में विशेष प्रकार की ध्वनि उत्पन्न करते हुए कथन-काक के द्वारा व्यंग्य उत्पन्न करने की क्षमता नहीं है.. डॉ. .शुकदेव सिंह रवीन्द्रनाथ त्यागी का गद्य मुझे अच्छा ही नहीं वरन् बहुत अच्छा लगता है । उनके लेखन में व्यंग्य व लालित्य -दोनों हैं । उनके अनुभव का आयाम बहुत विस्तृत है । मैं तो चाहता हूँ कि इसी .शैली में वे अपनी आत्मकथा लिखें. - डॉ. कुबेरनाथ राय

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    Ravindra Nath Tyagi

    यशस्वी व्यंग्यकार और समर्थ कवि रवीन्द्रनाथ त्यागी का जन्म एक सितम्बर उन्नीस सौ इकत्तीस को उ.प्र. के बिजनौर जिले में स्थित नहटौर नाम कश्स्बे में हुआ। भयंकर गरीबी के कारण बचपन में उन्होंने मात्र संस्कृत ही पढ़ी और बाद में किसी तरह इलाहाबाद युनिवर्सिटी से एम.ए. की परीक्षा में सर्वप्रथम स्थान पाया। उसके बाद वे देश की सर्वोच्च सिविल सर्विसेजश् की प्रतियोगिता में बैठे और इंडियन डिफेंस एकाउंट्स सर्विस के लिए चुने गए। सन् उन्नीस सौ नवासी में वे कंट्रोलर ऑफ डिफेंस एकाउंट्स के पद से सेवा-निवृत्त हुए।

    लिखने का शौक उन्हें बचपन से था। अब तक छह कविता-संग्रह, उन्नीस व्यंग्य-संग्रह और विशिष्ट रचनाओं के चार संकलन प्रकाशित। ‘उर्दू-हिन्दी हास्य-व्यंग्य’ नामक महत्वपूर्ण ग्रंथ का संपादन।

    डॉ. कमलकिशोर गोयनका द्वारा संपादित ‘रवीन्द्रनाथ त्यागी: प्रतिनिधि रचनाएं’ नामक विशद ग्रंथ अलग से प्रकाशित।

    वर्तमान पता: रवीन्द्रनाथ त्यागी

    शमशेर हाउस, 1/1, तेग बहादुर रोड स्ट्रीट नं. 2

    देहरादून-248001 (उ.प्र.)

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