• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Soorsagar Satik (1 To 2)

Soorsagar Satik (1 To 2)

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 1,100

Special Price Rs. 990

10%

  • Pages: 513p
  • Year: 2005
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180314902
  •  
    सूरसागर का प्रस्तुत संस्करण दो भागों में प्रकाशित हो रहा है । प्रत्येक भाग में 1000 से कुछ अधिक पद होंगे 1 पदों की व्याख्या करना इसका उद्देश्य नहीं है । यह सम्भव है कि किन्हीं अंशों के एक से अधिक अर्थ निकलते हों, किन्तु स्थानाभाव के कारण अनेक अर्थ दे पाना सम्भव नहीं था । पदों में जो कठिन शब्द आए हैं, उन्हें अंग्रेजी अंक देकर संकेतिक कर दिया गया है । इससे पाठकों को स्वतंत्र रूप से अर्थ चिंतन की सुविधा रहेगी । भूमिका में सूरसागर के संकलनों और संस्करणों पर विचार करने के पश्चात् सूरसागर के दर्शन भक्तिपक्ष भावप्रसार अभिव्यंजना-कौशल, पद-शैली, भाषा आदि विषयों का विवेचन किया गया है जिससे सूरसागर की आत्मा को समझने में सहायता मिलेगी । इस प्रकार हमने सूरसागर के प्रस्तुत संस्करण को यथासम्भव पूर्ण और उपयोगी बनाने की चेष्टा की है ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Hardev Bahari

    हरदेव बाहरी

    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Funda An Imprint of Radhakrishna
    • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144