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शब्द-कोश | Dictionary

Showing 10 books of 27 books
Banyan Tree Books Lokbharti Prakashan Radhakrishna Prakashan Rajkamal Prakashan

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  1. Lokbharti Pramanik Hindi Kosh

    Lokbharti Pramanik Hindi Kosh

    Regular Price: Rs. 295

    Special Price Rs. 265

    10%

    प्रामाणिक हिन्दी कोश आज-कल संसार में जो भाषाएँ आदर्श रूप में समुन्नत तथा समृद्ध मानी जाती हैं, उन सबकी एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि उनके शब्दकोशों में प्रत्येक शब्द का बहुत ही वैज्ञानिक और व्यवस्थित रूप से सीमाबद्ध और स्पष्ट निरूपण होता है-ऐसा निरूपण होता है कि उसे एक बार अच्छी तरह देख लेने पर उसके अर्थ तथा प्रयोगों के सम्बन्ध में किसी प्रकार के भ्रम या सन्देह के लिए कोई अवकाश ही नहीं रह जाता । अर्थों के इस प्रकार के विवेचन से ही भाषा वास्तविक रूप से पुष्ट तथा प्रौढ़ होती है, उसका स्वरूप निखरता है और भाषा सचमुच उन्नत भाषाओं के वर्ग में परिगणित होने के योग्य हो जाती है । हम हिन्दीभाषियों का भी यह प्रमुख कर्त्तव्य होना चाहिए कि हम हिन्दी शब्दों का ठीक और पूरा अर्थ-विवेचन करके उसे भी ऐसे उच्च स्तर तक पहुँचाने का प्रयत्न करें कि वह भी उन्नत भाषाओं के वर्ग में गिनी जाने लगे । ---रामचन्द्र -

    Out of stock

  2. Lokbharti Rajbhasha Shabd Kosh (Hindi-English)

    Lokbharti Rajbhasha Shabd Kosh (Hindi-English)

    Regular Price: Rs. 400

    Special Price Rs. 360

    10%

    इस शब्दकोश की विशेषताएँ केन्द्रीय और प्रादेशिक राज्यों द्वारा प्रयुक्त या प्रयुक्तव्य शब्दों और प्रयोगों का भरपूर संकलन । वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग एवं अन्य सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत शब्दावली । बहुअर्थिक शब्दों के अर्थों का अलग- अलग संख्या देकर स्पष्टीकरण । उपसर्गों और प्रत्ययों का सोदाहरण कोश के कलेवर में संकलन । यह कोश सरकारी काम करने वालों के लिये और सरकार से पत्राचार करने वालों के लिए उपयोगी है ।
  3. Prashasnik Kosh (Hindi-Angreji)

    Prashasnik Kosh (Hindi-Angreji)

    Regular Price: Rs. 700

    Special Price Rs. 630

    10%

    यह कोश सरकारी काम करनेवालों के लिए और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए उपयोगी है । कोश की विशेषताएँ : केन्द्रीय और प्रादेशिक राज्यों द्वारा प्रयुक्त या प्रयुक्तव्य शब्दों और प्रयोगों का भरपूर संकलन । वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग एवं अन्य सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत शब्दावली । बह्वर्थक शब्दों के अर्थो का अलग- अलग संख्या देकर स्पष्टीकरण । उपसर्गो और प्रत्ययों का सोदाहरण कोश के कलेवर में संकलन ।
  4. Hindi Muhaware Aur Lokokti Kosh

    Hindi Muhaware Aur Lokokti Kosh

    Regular Price: Rs. 350

    Special Price Rs. 263

    25%

    हिन्दी मुहावरे और लोकोक्ति कोश लेखक : बदरीनाथ कपूर मुहावरे और लोकोक्तियाँ जन-जीवन की अभिव्यक्ति के सहज उपकरण हैं। मुहावरा पद या पदबंध होता है, वाक्य का अंग बनता है तथा उसका अर्थ शब्दों की लक्षणाशक्ति से निकलता है। इसके विपरीत लोकोक्ति अपने में एक पूर्ण विचार, फलत: वाक्य रूप होती है तथा उसका अर्थ शब्दों की व्यंजना शक्ति से निकलता है। मुहावरे भाषा का शृंगार होते हैं और उसमें चमत्कार और चुटीलापन लाते हैं। लोकोक्तियां सत्यकथन या परमार्श के रूप में होती हैं और होती है समाज के सामूहिक िंचतन का निचोड़!
  5. Hindi Prayog Kosh

    Hindi Prayog Kosh

    Regular Price: Rs. 200

    Special Price Rs. 180

    10%

    भाषा शब्दों से बनती है । शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है । इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं । लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है- प्रयोग । भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नये-नये संदर्भों के अनुरूप नये-नये प्रयोग चलते रहते हैं । प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है । इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहु धा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोडू जाते हैं । प्रयोगों के फलस्वरूप ही नये-नये पदबंध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं । लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है । उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं । एक प्रामाणिक प्रयोग-कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है । वाक्य में कोई शब्द जिस जगह या जिन शब्दों के मध्य रखा जाता है उससे कोई न कोई प्रयोजन सिद्ध होता है । किसी न किसी प्रकार की प्रयोजन-सिद्धि के लिए ही शब्दों का प्रयोग किया जाता है । यदि कोई शब्द अपने अर्थ-गांभीर्य या अर्थ-विस्तार से हमें प्रभावित करता है तो अपने विलक्षण प्रयोगों से अभिभूत और चमत्कृत भी करता है । शब्दों से अंतरंगता उनके प्रयोगों के माध्यम से ही स्थापित होती हैं । हिंदी अपनी शब्दों के प्रयोग के विचार से कितनी अधिक समृद्ध है यह तथ्य इस कोश की हर प्रविष्टि से चरितार्थ होता है ।
  6. Lokbharti : Hindi Kriya Kosh

    Lokbharti : Hindi Kriya Kosh

    Regular Price: Rs. 1,500

    Special Price Rs. 1,125

    25%

  7. Prashasnik Kosh (Angreji-Hindi)

    Prashasnik Kosh (Angreji-Hindi)

    Regular Price: Rs. 500

    Special Price Rs. 375

    25%

  8. Lokbharti Brihat Pramanik Hindi Kosh

    Lokbharti Brihat Pramanik Hindi Kosh

    Regular Price: Rs. 750

    Special Price Rs. 563

    25%

    आचार्य रामचंद्र वर्मा द्वारा सम्पादित प्रामाणिक हिंदी कोश का उपयोग पिछले 50 वर्षों से हिंदी-प्रेमी निरंतर करते चले आ रहे हैं ! प्रस्तुत बृहत् संस्करण वर्मा जी के मानदंडों के अनुरूप तथा वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ! सैकड़ों शब्दों को ढूंढ-ढूढकर इस कोश में स्थान दिया गया है जो पहले से हमारी भाषा के अंग हैं, परन्तु जिनका आज तक कोशों में समावेश नहीं हो पाया ! आंचलिक तथा प्रादेशिक रचनाकारों के कुछ ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है जो हिंदी साहित्य में अपना स्थान बना पाए हैं ! समस्त पदों में पूर्वपद या उत्तरपद के रूप में कुछ विशिष्ठ शब्दों के योग से बने नए शब्दों की बहुलता भी इस कोश में दर्शनीय है ! विज्ञान, प्रोद्योगिकी, वाणिज्य, प्रशासन, जनसंचार आदि क्षेत्रों में प्रयुक्त होनेवाले अंग्रेजी भाषा के ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है जिनका व्यापक रूप से इधर प्रयोग हो रहा है! इस कोश में पहली बार ऐसे सैकड़ों क्रिया-विशेषण, विशेषण तथा संज्ञा शब्दों की प्रविशिथियाँ मिलेंगी जो संबंद बोधाकों की तरह प्रयुक्त होते हैं ! इधर सहस्त्रों हिंदी शब्दों में नए अर्थ विकसित हुए हैं ! ऐसे अर्थों को संजोने तथा विश्लेषित करने का काम इस बृहत् संस्करण का विशेष ध्येय रहा है ! अरबी, फारसी, रुत्की आदि के अधिकतर प्रचलित शब्दों को मूल शुद्ध रूप में दिखने का प्रयास किया गया है ! अनेक शब्द भेड़ों में जिन शब्दों को बांटा जा सकता है ऐसे शब्दों को प्रयोग के आधार पर क्रिया-विशेषण, योजक, निपट, विस्म्यादिक, सम्बन्ध बोधक आदि नामों से अभिहित किया गया है ! लिंग-संबंधी भी अनेक भूलें ठीक की गई हैं ! अनेक शब्दों की व्युप्प्ती में भी सुधर किया गया है ! विगत छः वर्षो से सहस्त्रों नए शब्द हमारी भाषा में प्रविष्ट हुए हैं ! इनमे से जिनका पत्र-पत्रिकाओं में विशेष रूप से प्रयोग देखने को मिला, उन्हें इस नविन संस्करण में सम्मिलित कर लिया गया है ! निश्चय ही यह कोश, विद्यार्थियों, लेखकों, अध्यापकों, संपादकों, पत्रकारों, शोधार्थियों इत्यादिके लिए अत्यंत उपयोगी तथा विश्वसनीय है !
  9. Lokbharti Hindi Angreji Paryayvachi Evam Viparyay Kosh

    Lokbharti Hindi Angreji Paryayvachi Evam Viparyay Kosh

    Regular Price: Rs. 400

    Special Price Rs. 300

    25%

    हिन्दी–अंग्रेजी पर्यायवाची एवं विपर्याय कोश इस कोश में 5000 से कुछ अधिक ही पर्यायमालाएँ दी गई हैं जिनमें 30000 से अधिक पर्याय शब्दों का संकलन हुआ है । सहस्राधिक मालाएँ बिलकुल नई हैं । पर्यायमालाओं के निर्धारण में प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक पद्धति का अनुसरण किया गया है । एकाधिक अर्थों के सूचक शब्दों को पर्यायमाला में सम्मिलित नहीं किया गया है । संज्ञा–सूचक शब्दों के पर्याय के रूप में विशेषण–सूचक शब्दों को भी शामिल कर लेने के अभ्यास से इस कोश को सचेत रूप से मुक्त रखा गया है । प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दों को पर्यायमालाओं के निर्/ाारण में शामिल नहीं किया गया है । कभी–कभी कुछ कोशकार ऐसे शब्दों को भी परस्पर पर्याय घोषित कर देते हैं जिनके अर्थों में कुछ भी समानता नहीं होती । यह कोश इस दोष से सर्वथा मुक्त है । कुछ ऐसी पर्यायमालाएँ भी हैं जिनके एक से अधिक शब्द प्रमुख प्रतीत होते हैं । ऐसी स्थिति में निर्णय करना कठिन होता है कि किस शब्द को प्रमुख शब्द माना जाए । इसलिए इस कोश में कुछ ऐसी मालाएँ हैं जो दो–दो मूल शब्दों के अन्तर्गत रखी गई हैं । ऐसा पाठकों की सुविधा की दृष्टि से किया गया है । पर्यायमाला में शब्दों के क्रम का निर्धारण कोश विज्ञान के नियमानुसार किया गया है । एक उल्लेखनीय विशेषता यह भी है कि इस कोश में प्रचलित साहित्य तथा लोक जीवन से भी पर्याय–शब्द सम्मिलित किए गए हैं । कोश में पर्याय वर्णानुक्रम में रखे गए हैं, जिससे इस कोश में पर्यायों की खोज सर्वथा सुगम है । प्रत्येक पर्यायमाला के साथ कुछ अंग्रेजी समानक या तदर्थी शब्द इस कोश में दिए गए हैं जिससे कोश की गुणवत्ता बढ़ गई है । इस कोश में पहली बार विपर्यायों की लम्बी सूची भी दी गई है । अध्यापकों, विद्यार्थियों, लेखकों, शोधार्थियों व पत्रकारों के लिए यह कोश संग्रहणीय है ।

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Categories of All Publications
  1. Bestsellers
  2. Valentine Offer
  3. अमर आख्यान | Epic
  4. अर्थशास्त्र | Economics
  5. आगामी पुस्तकें | Upcoming
  6. आत्मकथा | Autobiography
  7. आदिवासी साहित्य | Adivasi Literature
  8. आलोचना | Literary Criticism
  9. इतिहास | History
  10. ई-बुक्स | E-books
  11. उपन्यास | Fiction : Novels
  12. कला और संस्कृति | Art and Culture
  13. कविता | Poetry
  14. कहानी | Fiction : Stories
  15. कानून | Law
  16. किशोर-साहित्य | Kishor-Sahitya
  17. कोश-ग्रन्थ | Cyclopedia
  18. क्रान्तिकारी साहित्य | Revolutionary Literature
  19. खेल | Sports
  20. गीत | Lyrics
  21. चिन्तन | Thought
  22. जीवनी | Biography
  23. डायरी | Diary
  24. दर्शनशास्त्र | Philosophy
  25. दलित साहित्य | Dalit Literature
  26. धर्म-मीमांसा | Religion
  27. नई पुस्तकें | New Releases
  28. नवगीत | Navgeet
  29. नाटक | Play
  30. नाट्य-चिन्तन | Drama Studies
  31. निबन्ध | Essay
  32. पत्र-साहित्य | Letters
  33. पर्यावरण | Environment
  34. पुरस्कृत पुस्तकें | Awarded Books
  35. प्रकृति | Nature
  36. प्रबन्धन | Management
  37. प्रशासन | Administration
  38. बाल-पुस्तकें | Children Books
  39. भाषा-विज्ञान | Linguistics
  40. भाषा-शिक्षण | Language Teaching
  41. मनोविज्ञान | Psychology
  42. यात्रा-वृत्तान्त | Travelogue
  43. योजना | Planing
  44. राजनीति | Politics
  45. रिपोर्ताज | Reportage
  46. रेखाचित्र | Sketch
  47. विचार | Ideology
  48. विज्ञान | Science
  49. विमर्श | Discourse
  50. विश्व क्लासिक | World Classic
  51. व्यंग्य | Satire
  52. व्यक्ति-चित्र | Portrait
  53. व्यक्तित्व विकास | Self Help
  54. व्याकरण | Grammer
  55. शब्द-कोश | Dictionary
  56. शायरी | Shayari
  57. शिक्षा | Education
  58. संगीत | Music
  59. संचयन | Sanchayan
  60. संचार मीडिया | Communication and Media Studies
  61. संस्मरण | Memoirs
  62. समझदार बुक्स | Samajhdar Books
  63. समाज-विज्ञान | Social Science
  64. समाजशास्त्र | Sociology
  65. सम्पूर्ण रचनाएँ | Collected Works
  66. साक्षात्कार | Interview
  67. सिनेमा | Cinema
  68. सूचना का अधिकार | Information Studies
  69. स्त्री-विमर्श | Women Studies
  70. स्वास्थ्य | Health and Fitness
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