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Gautam Buddh Aur Unke Updesh

Gautam Buddh Aur Unke Updesh

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  • Pages: 228p
  • Year: 2012
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126710775
  •  
    गौतम बुद्ध और उनके उपदेश इस पुस्तक में न सिर्फ भगवान बुद्ध के जीवन की झलकियाँ, उनके विचार व जीवमात्र के प्रति उनकी करुणा का वर्णन है, बल्कि लेखक ने भगवान बुद्ध के बारे में गहन अध्ययन के पश्चात अपने मौलिक विचारों और कई तथ्यों से भी पाठकों को अवगत कराया है। पुस्तक में इन तथ्यों के कई प्रमाण हैं कि दुःख, हिंसा और गरीबी से तड़पते लोगों की समस्याओं के हल के लिए भगवान बुद्ध ने आखिर त्याग पर बल क्यों दिया ! उनका मानना था कि एक प्रसन्न व्यक्ति ही इस जगत को सुखमय बना सकता है। बुद्ध युद्ध के विरोधी थे और उनका मानना था कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। पुस्तक में अंगुलिमाल का एक लुटेरे से संत बन जाना, सम्राट बिम्बिसार, सम्राट प्रसेनजित सहित अनेकों राजपुरुषों की धम्म दीक्षा और चिंचाया द्वारा बुद्ध के खिलाफ किए गए षड्यंत्र पर भी प्रकाश डाला गया है। वर्तमान युग में बुद्ध के उपदेशों की प्रासंगिकता की विस्तृत विवेचना की गई है। बुद्ध के जीवन, उनके अनुयायियों, उनके विरोधियों, उनकी शिक्षा, उनके उपदेश देने का ढंग, प्रतीत्यसमुत्पाद, विपस्सना, विपस्सना केन्द्रों की जानकारी, बौद्ध साहित्य और बुद्ध से सम्बन्धित तीर्थस्थलों की विस्तृत जानकारी सात अध्यायों में दी गई है। धम्म के अनुयायियों के लिए यह पुस्तक पथ- प्रदर्शक का काम करेगी।

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    Anand Shrikrishna

    जन्म: बेनीपुर गाँव, जिला सीतापुर (उत्तर प्रदेश)।

    शिक्षा : चन्द्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय, कानपुर से कृषि अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर। 1986 से भारतीय राजस्व सेवा में।

    कबीरपंथ, आनंद मार्ग, स्वामी नारायण सम्प्रदाय, रेकी और सिद्ध समाधि योग आदि का गहन अध्ययन करने के पश्चात आपने धम्म स्वीकार किया और भगवान बुद्ध के बताए धम्म और उनकी शिक्षा का प्रसार करने हेतु अपना जीवन समर्पित किया। भगवान बुद्ध की खोजी हुई और आचार्य गोयनका द्वारा सिखाई गई विपस्सना साधना के आप नियमित साधक हैं।

    जापान, म्यांमार, भूटान और थाईलैंड समेत अनेक देशों की आपने यात्रा की है। धम्म-सार आपकी पहली पुस्तक थी जो पाठकों द्वारा भरपूर सराही गई। आपके द्वारा लिखित दूसरा ग्रंथ है भगवान बुद्ध: धम्म-सार व धम्म- चर्या जो देश-भर में विख्यात रहा। तीसरी कृति द बुद्धा: दि इसेन्स ऑफ धम्मा एंड इट्स प्रैक्टिस अंग्रेजी में प्रकाशित हुई जिसके गुजराती, मराठी, तमिल और तेलुगु अनुवाद भी प्रकाशित हुए और काफी चर्चित रहे।

    गौतम बुद्ध और उनक्े$ उपदेश आपकी चौथी पुस्तक है।

    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Funda An Imprint of Radhakrishna
    • Korak An Imprint of Radhakrishna

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