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Aur Anya Kavitayen

Aur Anya Kavitayen

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  • Pages: 116
  • Year: 2017, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183618403
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    Vishnu Khare

    विष्णु खरे

    छिंदवाड़ा, म.प्र. में जन्म। क्रिश्चियन कॉलेज, इंदौर से 1963 में अंग्रेज़ी साहित्य में एम.ए.। दैनिक ‘इंदौर समाचार’ में उप-संपादक: 1962-63। गुजराती कॉलेज, इंदौर, तथा रतलाम, रामपुरा व महू के राजकीय महाविद्यालयों में अध्यापन: 1963-68। इंस्ट्टियूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली में अंग्रेज़ी के एजुकेशन ऑफ़िसर: 1968-70। हस्तिनापुर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन: 1970-75। केन्द्रीय साहित्य अकादेमी के उप-सचिव (कार्यक्रम): 1976-84, जहाँ अवैध मद्रास स्थानांतरण के खि़लाफ़ सुप्रीम कोर्ट तक गये और इस्तीफ़े के बाद 1985 में ‘नवभारत टाइम्स’ में, जहाँ प्रभारी कार्यकारी सम्पादक तथा विचार-प्रमुख के सर्वोच्च उत्तरदायित्व निबाहे, बीच में उसी अख़बार के लखनऊ संस्करण के सम्पादक रहे तथा प्रस्तावित रविवारीय ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ (हिन्दी) के सम्पादक तथा अंग्रेज़ी ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में वरिष्ठ सहायक सम्पादक मनोनीत। 1993 में जयपुर ‘नवभारत टाइम्स’ के सम्पादक के रूप में तबादला, जहाँ से मालिक (अब दिवंगत) अशोक जैन तथा प्रधान सम्पादक विद्यानिवास मिश्र की साम्प्रदायिकता-समर्थक नीतियों के लगातार सक्रिय विरोध के बाद इस्तीफ़ा।

    लेखन-प्रकाशन 1956 से, पहले कहानियाँ भी लेकिन 1961 से सिर्फ़ कविताएँ, अनुवाद और बाद में समीक्षा आदि। पहला प्रकाशन टी.एस. एलिअट का अनुवाद ‘मरु प्रदेश और अन्य कविताएँ’ 1960 में। लघु पत्रिका ‘वयम्’ का सम्पादन: 1966-67। पहला कविता-संग्रह ‘एक ग़ैर रूमानी समय में’ 1970 में खुद छपाया लेकिन उसकी अधिकांश कविताएँ अशोक वाजपेयी ने अपनी ‘पहचान’ सीरीज़ की पहली पुस्तिका ‘विष्णु खरे की कविताएँ’ के लिए ले लीं इसलिए उसे प्रकाशित नहीं किया। तीसरा संग्रह ‘खुद अपनी आँख से’ 1978 में, यह चौथा। इसके बाद पिछली कविताओं का संकलन ‘पिछला बाकी’ 1998 में। समीक्षा-पुस्तक ‘आलोचना की पहली किताब’ 1983 में।

    विदेशी कविता से हिन्दी तथा हिन्दी से अंग्रेज़ी में सर्वाधिक अनुवाद-कार्य। श्रीकांत वर्मा तथा भारतभूषण अग्रवाल के पुस्तकाकार अंग्रेज़ी अनुवाद। समसामयिक हिन्दी कविता के अंग्रेज़ी अनुवादों का निजी संग्रह ‘दि पिपुल एंड दि सैल्फ़’। लोठार लुत्से के साथ हिन्दी कविता के जर्मन अनुवाद ‘डेअर ओक्सेनकरेन’ का सम्पादन। ‘यह चाक़ू समय’ (अॅत्तिला योझ़ेफ़), ‘हम सपने देखते हैं’ (मिक्लोश राद्नोती), ‘कालेवाला’ (फ़िनी राष्ट्रकाव्य) उल्लेख्य अनुवाद। कलकत्ता पर नोबेल विजेता गुंटर ग्रास की विवादास्पद पुस्तक ‘त्सुंगे त्साइगेन’ (जीभ दिखाना) का अनुवाद। आजकल गोएठे के ‘फ़ाउस्ट-1’ के अनुवाद पर काम। ख़ुद की कविताएँ कई देशी-विदेशी भाषाओं में अनूदित। ‘नवभारत टाइम्स’ में सैकड़ों सम्पादकीय, लेख, फ़िल्म-समीक्षाएँ आदि।

    1971-73 के दौरान प्राहा, तत्कालीन चेकोस्लोवाकिया, में 25 महीने प्रवास। उसके बाद भी यूरोप, अमेरिका तथा मध्य-पूर्व की यात्राएँ। बाहर काव्य-पाठ, भाषण, अध्यापन, रेडियो तथा टी.वी. साक्षात्कार, लघु-फिल्में। भारत पर केन्द्रित फ्ऱांकफ्रुर्ट पुस्तक मेला 1986 में शिरकत। फ्रांस के ला रोशेल फिल्म समारोह में आमंत्रित पहले हिंदी फिल्म-समीक्षक।

    संगीत, पुरातत्त्व, फ़िल्म तथा विज्ञान (विशेषतः पृथ्वी से परे जीवन की खोज) में गहरी दिलचस्पी। कालेवाला सोसाइटी, फ़िनलैंड, यूनेस्को-हेतु भारतीय सांस्कृतिक उपायोग तथा केन्द्रीय साहित्य अकादेमी आदि के सदस्य। फ़िनलैंड के राष्ट्रीय अलंकरण ‘नाइट ऑफ़ दि व्हाइट रोज़’ से सम्मानित।

    दिल्ली सरकार के साहित्यिक योगदान पुरस्कार, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार, भवानी प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार तथा मध्य प्रदेश शिखर सम्मान से अलंकृत।

    विवाहित। दो बेटियाँ, एक बेटा। स्थायी निवास: ए-33, नवभारत टाइम्स अपार्टमेंट्स, मयूर विहार, फ़ेज़-1, नोएडा रोड, दिल्ली-110091।

    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
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