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Amar Shahid Chandrashekhar Azad

Amar Shahid Chandrashekhar Azad

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  • Pages: 338
  • Year: 2017, 1st Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126730094
  •  
    अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद वैशम्पायन ने आज़ाद की एक मनुष्य, एक साथी और क्रान्तिकारी पार्टी के सुयोग्य सेनापति की छवि को विस्तार देते हुए उनके सम्पूर्ण क्रान्तिकारी योगदान के सार्थक मूल्यांकन के साथ ही आज़ाद के अन्तिम दिनों में पार्टी की स्थिति, कुछेक साथियों की गद्दारी और आज़ाद की शहादत के लिए जिम्मेदार तत्त्वों का पर्दाफाश किया है। अपनी पुस्तक में वैशम्पायन जी बहुत निर्भीकता से सारी बातें कह पाए हैं। उनके पास तथ्य हैं और तर्क भी। आज़ाद से उनकी निकटता इस कार्य को और भी आसान बना देती है। आज़ाद और वैशम्पायन के बीच सेनापति और सिपाही का रिश्ता है तो अग्रज और अनुज का भी। वे आज़ाद के सर्वाधिक विश्वस्त सहयोगी के रूप में हमें हर जगह खड़े दिखाई देते हैं। आज़ाद की शहादत के बाद यदि वैशम्पायन न लिखते तो आज़ाद के उस पूरे दौर पर एक निष्पक्ष और तर्कपूर्ण दृष्टि डालना हमारे लिए सम्भव न होता। एक गुप्त क्रान्तिकारी पार्टी के संकट, पार्टी का वैचारिक आधार, जनता से उसका जुड़ाव, केन्द्रीय समिति के सदस्यों का टूटना और दूर होना तथा आज़ाद के अन्तिम दिनों में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति जैसे गम्भीर मुद्दों पर वैशम्पायन जी ने बहुत खरेपन के साथ कहा है। वे स्वयं भी एक क्रान्तिकारी की कसौटी पर सच्चे उतरे हैं। आज़ाद के साथ किसी भी कठिन परीक्षा में वे कभी अनुत्तीर्ण नहीं हुए। आज़ाद को खोकर वैशम्पायन ने कितना अकेलापन महसूस किया, इसे उनकी इस कृति में साफ-साफ पढ़ा जा सकता है। आज़ाद-युग पर वैशम्पायन जी की यह अत्यन्त विचारोत्तेजक कृति है जो आज़ाद की तस्वीर पर पड़ी धूल को हटाकर उनके क्रान्तिकारित्व को सामने लाने का ऐतिहासिक दायित्व पूरा करती है। - सुधीर विद्यार्थी

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    Sudhir Vidhyarthi

    जन्म: 1 अक्तूबर, 1953 को पीलीभीत में। पैतृक घर शाहजहाँपुर का खुदागंज गाँव।

    शिक्षा: एम.ए., इतिहास।

    प्रकाशित कृतियाँ: अशफाकउल्ला और उनका युग, शहीद रोशनसिंह, उत्सर्ग, हाशिया, मेरा राजहंस, शहीद अहमदउल्ला शाह, आमादेर विप्लवी, भगतसिंह की सुनें (पंजाबी में भी अनूदित), शहीद भगतसिंह: इन्कलाब का सफर, पहचान बीसलपुर, मेरे हिस्से का शहर, अग्निपुंज (शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जीवन-कथा), अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद (सं.), शहीद भगत सिंह: क्रान्ति का साक्ष्य, काला पानी का ऐतिहासिक दस्तावेज (सं.), कर्मवीर पं. सुन्दरलाल: कुछ संस्मरण, शहीदों के हमसफर, अपराजेय योद्धा कुँवर भगवान सिंह, गदर पार्टी भगत सिंह तक (सं.), जब ज्योति जगी (सं.), बुन्देलखंड और आजाद, क्रान्तिकारी बटुकेश्वर दत्त, आज का भारत और भगत सिंह, क्रान्ति की इबारतें, जखीरे में शाहदत (सं.) आदि।

    1985 से साहित्य-विचार की पत्रिका संदर्श का सम्पादन और प्रकाशन। आत्मकथात्मक संस्मरण ‘मेरा राजहंस’ की एनएसडी सहित देश-भर में 23 नाट्य प्रस्तुतियाँ। ‘अशफाकउल्ला और उनका युग’ पुस्तक पर आधारित ‘स्वराज्य’ का धारावाहिक डीडी-1 पर दो बार प्रदर्शन।

    उत्तर प्रदेश के कर्मचारी-मजदूर आन्दोलन में 20 वर्ष तक सक्रिय भागीदारी व प्रदेशीय नेतृत्व। इसी के तहत दो बार जेल-यात्रा, कई मुकदमे व यातनाएँ।

    सम्प्रति: स्वतंत्र लेखन एवं संस्कृति कर्म।

    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Funda An Imprint of Radhakrishna
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