Skip to Main Content »

  • (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Dalit And Minority Empowerment

Dalit And Minority Empowerment

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 1,200

Special Price Rs. 1,080

10%

  • Pages: 468p
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  English
  • Publisher:  Banyan Tree Books
  • ISBN 13: 9788126715992
  •  
    "दलित, अल्पसंख्यक सशक्तीकरण भारत से लेकर सम्पूर्ण विश्व के शक्तिहीन, दबे-कुचले, सामाजिक रूप से पिछडे़ और सताये हुए लोग और उनके समूह जब आपस में मिलकर शक्ति संपन्न होने का संकल्प लें, तो इसे बड़े बदलाव के भावी संकेत के रूप में लिया जाना चाहिए। इतिहास बनने की शुरुआत ऐसे ही होती है। जो इसकी अगुआई करते हैं, उन्हें इतिहास अपने सिर माथे बैठाता है, क्योंकि अगर वे आगे नहीं बढ़ते तो यात्रा अपने अन्तिम चरण पर पहुंचती ही नहीं। दलित, अल्पसंख्यक सशक्तीकरण की यात्रा शुरू हो चुकी है। इस यात्रा का ध्येय है शक्तिहीन, दबे-कुचले, और सामाजिक रूप से भेदभाव के शिकार दलितों और अल्पसंख्यकों कोे शक्ति सम्पन्न करना व उनके सामाजिक आधार को मजबूत करते हुए उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना। पुस्तक का महत्त्वपूर्ण अंश है डॉ. मनमोहन सिंह का कथन। भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने शक्तिहीनों को शक्ति संपन्न बनाने तथा दलित, अल्पसंख्यक सशक्तीकरण के प्रयास को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की। भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने साफ कहा कि अब सहूलियत देने से काम नहीं चलेगा, वंचितों को शिरकत भी देनी होगी। बाबा साहेब अम्बेडकर ने ग़रीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों के सशक्तीकरण की लड़ाई को वैज्ञानिक विचार का आधार दिया तथा उसे हथियार बनाया। उसी कड़ी में यह एक प्रयास है ताकि आज दलित, अल्पसंख्यक सशक्तीकरण के लिए लड़ने वाले लोग न केवल अपना वैचारिक आधार मज़बूत कर सकें बल्कि उसे हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकें। यह पुस्तक उन सबके लिए उपयोगी होगी जो गरीबों और वंचितों की लड़ाई में या तो शामिल होना चाहते हैं या उन्हें सहयोग देना चाहते हैं। राजनीति और समाज शास्त्र के विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक भारत के परिवर्तन की इस लड़ाई को समझने का आधार बनेगी। "

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Santosh Bhartiya

    प्रसिद्ध पत्रकार और वरिष्ठ संपादक एम.जे. अकबर ने संतोष भारतीय की पत्रकारिता में अद्वितीय क्षमता को जाँचते हुए कहा था कि - ‘‘जिस जमाने में हमने पत्रकारिता शुरू की उसके पहले या उस दौर में भी पत्रकारिता के जो विषय होते थे उनका अंदाजे-बयाँ साहित्यिक होता था। हमें बड़ी घुटन होती थी कि सच्चाई कहाँ है, देश कहाँ है और आप शब्दों में घूम रहे हैं, कविता में घूम रहे हैं और दुनिया कहाँ है? संतोष भारतीय, एस.पी. सिंह और उदयन शर्मा ने उस दौर में हिन्दी पत्रकारिता को उस साहित्यिक दरिया से निकाला और ‘रविवार’ के जरिए एक ऐसी जगह ले गए कि उसमें एक मैच्योरिटी जल्दी आ गई। उस जमाने में हमने जमीन की पत्रकारिता की जिसका एक खास रिवोल्यूशनरी प्रभाव हुआ और जिसका असर बहुत दूर तक गया। हमारा जो शुरुआती दौर था वो समय विरोधाभासों का भी था। हमारी पत्रकारिता पर आपातकाल का जो प्रभाव पड़ा उसकी भी बड़ी भूमिका थी क्योंकि हम भी एक लिबरेशन के साथ निकले थे।’’

    संतोष भारतीय ने ‘रविवार’ से पत्रकारिता की शुरुआत की और वहाँ विशेष संवाददाता रहे। फिर कलकत्ता से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक ‘द टेलीग्राफ’ में विशेष संवाददाता के तौर पर कार्य किया। इसके बाद टेलीविजन के पहले न्यूज एंड करेंट अफेयर्स कार्यक्रम ‘न्यूज लाइन’ में बतौर विशेष संवाददाता रहे। हिन्दी के पहले साप्ताहिक अखबार ‘चौथी दुनिया’ के संपादक बने। 1989 में नौवीं लोकसभा के सदस्य चुने जाने के बाद ‘चौथी दुनिया’ के ही सलाहकार संपादक। समाचार एजेंसी ‘हेड लाइन प्लस’ के प्रधान संपादक रहे। प्रस्तावित टीवी चैनल ‘अलहिन्द’ और ‘फ़लक’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी निभाने के बाद जैन टेलीविजन के सलाहकार रहे। फिलहाल स्वतंत्र टेलीविजन पत्रकारिता के साथ-साथ राजनीति व पत्रकारिता पर कुछ पुस्तकों की तैयारी।

    प्रकाशित कृतियाँ:

                1. निशाने पर: समय, समाज और राजनीति,

                2. पत्रकारिता: नया दौर, नए प्रतिमान,

                3. चुनाव रिपोर्टिंग और मीडिया, तथा

                4. इतिहास पुरुष बनेंगे या अंधेरे में खो जाएंगे।

    शीघ्र प्रकाश्य: चन्द्रशेखर, वी.पी. सिंह, सोनिया गांधी और मैं।

    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Funda An Imprint of Radhakrishna
    • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144